मुंबई वार्ता संवाददाता

अधिक ज्येष्ठ (पुरुषोत्तम) मास के उपलक्ष्य में डोंबिवली में तीन दिवसीय विष्णु पंचायतन यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया है। यह आयोजन देशस्थ शुक्ल यजुर्वेदी पुरोहितों के वेदविज्ञान मंडल द्वारा डोंबिवली पूर्व स्थित जगदीश बैंक्वेट हॉल में 6 से 8 जून तक किया जाएगा।


कार्यक्रम के पहले दिन 108 दंपति यज्ञ में सहभागी होंगे। हॉल के संचालक जगदीश सेठ कारिया और उनका परिवार आयोजन की संपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहा है। शनिवार 6 जून को सुबह 7 बजे गणेश पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके बाद स्वस्तिपुण्याहवाचन, नांदी श्राद्ध, पंचांग कर्म, प्रधान देवता स्थापना, नवग्रह पूजन, ग्रह यज्ञ तथा हवन की शुरुआत की जाएगी। साथ ही तुलसी अर्चना और कुमकुम अर्चन भी होगा।
पहले दिन शाम 5 से 7 बजे तक सामूहिक विष्णु सहस्रनाम पाठ आयोजित किया जाएगा। इसके बाद महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ दिन का समापन होगा।
रविवार 7 जून को सुबह अभिषेक पूजन के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ेगा। दिनभर हवन और धार्मिक अनुष्ठान चलेंगे। शाम 7 बजे त्र्यंबकेश्वर के प्रवचनकार महेश विष्णुबुवा शुक्ल अधिक मास के महत्व पर विशेष प्रवचन देंगे।
सोमवार 8 जून को सुबह 7 बजे पुनः देवता पूजन और हवन किया जाएगा तथा लगभग साढ़े 11 बजे पूर्णाहुति दी जाएगी। समापन समारोह में यज्ञाचार्य कृष्णचंद्र पुराणिक और कर्माचार्य बालकृष्ण जोशी का सम्मान किया जाएगा। इसके बाद महाप्रसाद का आयोजन होगा।
कर्माचार्य बालकृष्ण जोशी ने बताया कि समाज के सर्वांगीण विकास और विश्व कल्याण की भावना से मंडल द्वारा प्रतिवर्ष यज्ञ-पूजन आयोजित किया जाता है। अधिक मास के विशेष महत्व को देखते हुए इस वर्ष विष्णु पंचायतन यज्ञ का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि तीन वर्ष में एक बार आने वाला यह अतिरिक्त मास पुरुषोत्तम मास कहलाता है और इसमें दीपदान, यज्ञ तथा धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व माना जाता है।
मंडल सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय है तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, वरिष्ठ नागरिकों और मेधावी विद्यार्थियों को सहायता प्रदान करता है। आयोजन को सफल बनाने के लिए अमोल कुलकर्णी, लक्ष्मण पुराणिक, महेश शुक्ल, दिनेश उपासनी, प्रशांत गायधनी, केदार पारेकर, महेश जोशी, संदीप उपासनी, यज्ञेश जोशी, चंद्रकांत जोशी और महेंद्र पंडित सहित कई कार्यकर्ताओं ने विशेष योगदान दिया है। यज्ञ का संचालन चंद्रकांत जोशी के मार्गदर्शन में यज्ञाचार्य कृष्णचंद्र पुराणिक और कर्माचार्य बालकृष्ण जोशी करेंगे।


