ईडी ने वसई विरार नगर पालिका के टाउन प्लानिंग अधिकारी के घर पर छापा मारा।

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● ८ करोड़ रुपये से अधिक नकद और २३ करोड़ रुपये के आभूषण जब्त

मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई संभागीय कार्यालय ने मुंबई और हैदराबाद में १३ स्थानों पर छापे मारे। यह कार्रवाई काला धन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई है। यह कार्रवाई दो दिनों, १४ और १५ मई को की गई। इस छापेमारी में करीब ८.०६ करोड़ रुपये नकद और २३.२५ करोड़ रुपये मूल्य के हीरे के आभूषण, सोना और सिक्के बरामद किए गए।

इसके साथ ही घोटाले में संलिप्तता दर्शाने वाले महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं।इससे पहले पुलिस ने बिल्डरों, उनके सहायकों और अन्य के खिलाफ कई मामले दर्ज किए थे। ईडी द्वारा की गई कार्रवाई इसका अगला भाग है।

वसई विरार महानगरपालिका की सीमा के भीतर कई अवैध निर्माण किए गए हैं। इस मामले में मीरा भयंदर वसई विरार पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. ये संरचनाएं आवासीय और वाणिज्यिक दोनों हैं। यह अनधिकृत निर्माण 2009 में शुरू हुआ था। बिल्डरों ने सीवर परियोजनाओं और डंपिंग ग्राउंड के लिए आरक्षित भूमि पर ४१ इमारतें बना लीं। बिल्डरों ने आम नागरिकों को धोखा देकर उन्हें मकान बेच दिए। उन्होंने झूठे दस्तावेज दिखाकर दावा किया कि उन्हें अनुमति मिल गई है।

बिल्डरों ने यह जानते हुए भी इन इमारतों का निर्माण किया कि ये अवैध हैं और इन्हें ध्वस्त किया जाएगा। इसके बाद उन्होंने इन मकानों और दुकानों को ग्राहकों को बेच दिया और उनसे आर्थिक धोखाधड़ी की।अनधिकृत निर्माण के खिलाफ मुंबई उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई। ८ जुलाई २०२४ को हाईकोर्ट ने इन ४१ इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश दिया। इसके बाद इन इमारतों में रहने वाले निवासियों ने राहत की मांग करते हुए एक आवेदन दायर किया। अदालत ने इस आवेदन को भी खारिज कर दिया। अदालत के आदेश के अनुसार इन इमारतों को २० फरवरी, २०२५ को ध्वस्त कर दिया गया।

जब ईडी ने मामले की जांच शुरू की तो उन्हें यह भी पता चला कि निर्माण २००९ में शुरू हुआ था। ईडी को यह भी पता चला कि इस घोटाले के मुख्य मास्टरमाइंड सीताराम गुप्ता और अरुण गुप्ता हैं। इस बात की प्रबल आशंका है कि इस घोटाले में वसई-विरार नगर निगम के अधिकारी भी शामिल हैं। ईडी ने भी उस दिशा में जांच शुरू कर दी है।

ईडी द्वारा बुधवार और गुरुवार को की गई छापेमारी के दौरान वसई-विरार महानगरपालिका के उप निदेशक अधिकारी वाई.एस. रेड्डी के यहां छापा मारा गया। ईडी अधिकारियों को इस छापेमारी में भारी मात्रा में संपत्ति मिली है। ईडी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस छापेमारी में रेड्डी के पास से ८.०६ करोड़ रुपये नकद और २३.२५ करोड़ रुपये के हीरे के आभूषण, सोना और सिक्के जब्त किए गए। ईडी का कहना है कि इस राशि पर गौर करने से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में घोटाला कितना बड़ा हो सकता है और घोटाले में अधिकारियों की संलिप्तता की सीमा का पता लगाने में मदद मिलेगी।

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