मुंबई वार्ता/राजन बलसाने

उल्हासनगर महानगरपालिका की प्रशासक एवं आयुक्त श्रीमती मनिषा आव्हाले ने नगर निगम द्वारा संचालित स्कूलों का निरीक्षण किया। यह दौरा पूर्व आयुक्त विकास ढाकणे द्वारा शुरू किए गए ‘आदर्श शाला’ उपक्रम को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया।
उन्होंने आदर्श शाला के लिए चयनित स्कूलों का दौरा कर वहां की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान स्कूलों में जारी निर्माण कार्य की कमियों को दूर करने के लिए संबंधित निर्माण एवं विद्युत अभियंताओं को निर्देश दिए गए।
शाला क्रमांक 8, 29 और 23 की गहन जांच के बाद जरूरी बदलाव प्रस्तावित किए गए। इसी दौरान आयुक्त ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता की जांच की। वाचन कौशल की परीक्षा में कमियां पाए जाने पर शाला क्रमांक 8 की एक शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि विद्यार्थियों की गुणवत्ता सुधारने में लापरवाही बरती गई तो संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई होगी।इसके अलावा, स्कूल नंबर 8 के आसपास अवैध रूप से बनी एक टपरी को तुरंत हटाने का आदेश दिया गया, जिसके तहत शाम तक महानगरपालिका के अनधिकृत निर्माण विभाग ने कार्रवाई पूरी कर दी।
आयुक्त ने स्कूल परिसर में निर्माणाधीन अध्ययन कक्ष और अन्य इमारतों की भी समीक्षा की और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने जल्द से जल्द अध्ययन कक्ष का निर्माण कार्य पूरा कर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने का आदेश दिया।निरीक्षण के दौरान महानगरपालिका की सहायक आयुक्त श्रीमती मयुरी कदम, प्रशासन अधिकारी कुंदा पंडित, निर्माण अभियंता दीपक ढोले, विद्युत अभियंता हनुमंत खरात सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


