मुंबई वार्ता/राजेश विक्रांत

प्रसिद्ध साहित्यकार अशोक कुमार पाण्डेय ’अनहद’ के नेता जी सुभाष चंद्र बोस के व्यक्तित्व पर आधारित शोधग्रन्थ ’एक गुमनाम योद्धा’ का लोकार्पण शुक्रवार लखनऊ के प्रसिद्ध मन्दिर माता चन्द्रिका देवी में माताजी के कर कमलों और उनके चरणों में पुस्तक समर्पित करके सम्पन्न हुआ।


इस अवसर पर मन्दिर के मुख्य पुजारी तीर्थाचार्य पण्डित नन्द किशोर शर्मा ’डीएम महाराज’ ने माता के कर कमलों से पुस्तक का लोकार्पण करते हुए कहा कि सुल्तानपुर के मूल निवासी ’अनहद’ एक वरिष्ठ साहित्यकार है और नेता जी पर उन्होंने विशेष रूप से उनके 18 अगस्त 1945 से 16 सितम्बर 1985 तक के अज्ञात वास पर कठिन परिश्रम किया है। विगत कुछ वर्षो से पुलिस विभाग से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर नेता जी सुभाष चन्द्र बोस और उनके गुमनामी जीवन पर उन्होंने कठिन परिश्रम कर शोध कार्य किया और 272 पृष्ठों की पुस्तक ’एक गुमनाम योद्धा’ लिखी।
लेखक अनहद नेता जी के अज्ञात वास में रहने के समय के देश के प्रत्येक स्थलों पर गये। उनके सम्पर्क में रहे उनके शिष्यों से मिले। नेता जी से सम्बन्धित अनेक प्रमाणित जानकारियाॅं एकत्रित की। ये पुस्तक ’एक गुमनाम योद्धा’ नेता जी के उन रहस्यों को उजागर करती है जिसमें उन्हें 1945 में मृत घोषित किया गया। पुस्तक अन्ततः निष्कर्ष रूप में यह भी सिद्ध करती है कि अयोध्या के गुमनामी बाबा ही नेता जी सुभाष चन्द्र बोस थे और उनकी मृत्यु 1945 में न होकर 16 सितम्बर 1985 को हुई।
विद्यार्थी एवं युवाओं हेतु एक उपयोगी पुस्तक देने हेतु डीएम महाराज ने लेखक को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर मन्दिर परिसर में अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालुगण उपस्थित थे। पुस्तक का प्रकाशन प्रांजल प्रकाशन लखनऊ के द्वारा किया गया है।


