मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र में होम्योपैथी (BHMS) डॉक्टरों को सर्टिफिकेट कोर्स इन मॉडर्न फार्माकोलॉजी (CCMP) के आधार पर महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) में पंजीकरण देने के राज्य सरकार के फैसले का विरोध तेज हो गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) महाराष्ट्र ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि यदि 27 जुलाई से CCMP पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की गई, तो राज्यभर में आंदोलन के साथ मेडिकल सेवाएं बंद की जाएंगी।


यह चेतावनी एक दिन बाद आई है, जब राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बैठक में अधिकारियों और एकीकृत चिकित्सा संगठनों के प्रतिनिधियों ने 27 जुलाई से CCMP पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने को मंजूरी दी।
IMA महाराष्ट्र ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि 13 और 14 अगस्त को होने वाली बॉम्बे हाईकोर्ट की सुनवाई और अंतिम निर्णय आने तक पंजीकरण प्रक्रिया स्थगित रखी जाए। संगठन का कहना है कि जब सरकार ने हाल ही में यह कहते हुए MBBS डॉक्टरों के लिए अनिवार्य बॉन्ड व्यवस्था समाप्त कर दी कि राज्य में MBBS डॉक्टरों की कमी नहीं है, तो फिर CCMP के जरिए होम्योपैथ डॉक्टरों को आधुनिक चिकित्सा से जुड़े अधिकार देने की आवश्यकता नहीं है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने, प्रशिक्षित होम्योपैथ डॉक्टरों को आधुनिक चिकित्सा की बुनियादी जानकारी के साथ कानूनी अधिकार देने तथा राज्य के कानून में किए गए संशोधनों को लागू करने के उद्देश्य से CCMP पाठ्यक्रम शुरू किया था।
हालांकि, IMA का कहना है कि हाईकोर्ट का फैसला आने से पहले पंजीकरण शुरू करना न्यायिक प्रक्रिया और मरीजों की सुरक्षा, दोनों के हित में उचित नहीं होगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि 27 जुलाई से पंजीकरण शुरू हुआ तो पूरे महाराष्ट्र में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा सेवाओं का भी बहिष्कार किया जाएगा।


