मुंबई वार्ता संवाददाता

देशभर में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर नागरिकों में भारी आक्रोश है तथा लाखों की संख्या में विद्यार्थी और अभिभावक आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। विद्यार्थियों के इस गंभीर मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी ने सबसे पहले संघर्ष शुरू किया है। अब कांग्रेस ने इस आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। इसी क्रम में कल, शनिवार, 25 जुलाई 2026 को राज्य के प्रत्येक जिले में कैंडल मार्च और सत्याग्रह आयोजित किया जाएगा।


NEET/CBSE परीक्षाओं के प्रश्नपत्र बार-बार लीक हो रहे हैं। पिछले 10 वर्षों में कुल 152 बार पेपर लीक होने के बावजूद मोदी सरकार इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रही है। इस संवेदनहीन सरकार के पास विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देने का समय नहीं है। केंद्र सरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेने को भी तैयार नहीं है। अपने अधिकारों की मांग कर रहे युवा छात्र-छात्राओं पर जगह-जगह अमानवीय तरीके से लाठीचार्ज और अत्याचार किए जा रहे हैं।
इन विद्यार्थियों के समर्थन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निर्देश तथा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के मार्गदर्शन में पूरे राज्य में कैंडल मार्च और सत्याग्रह आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। यह जानकारी प्रदेश कांग्रेस की ओर से दी गई है।कांग्रेस की प्रमुख मांगें हैं कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें; परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और व्यवस्थागत विफलताओं के कारण लाखों विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में पड़ गया है, इसलिए इस मुद्दे पर संसद में तत्काल चर्चा कराई जाए; आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों पर दर्ज सभी एफआईआर और मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं; तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देश के युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।


