मुंबई वार्ता संवाददाता

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) मुंबई महानगर द्वारा आयोजित ‘छात्र सत्ता’ स्टूडेंट लीडर मीट का आयोजन शुक्रवार को फोर्ट स्थित यशवंतराव चव्हाण सेंटर में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वर्ष 2026-27 के लिए एबीवीपी मुंबई महानगर की नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। इसके तहत संदीप शिंदे को महानगर अध्यक्ष और अभिषेक पवार को महानगर मंत्री नियुक्त किया गया। इसके साथ ही मुंबई के करीब 60 महाविद्यालयों के अध्यक्षों और मंत्रियों (सचिवों) के नामों की भी घोषणा की गई, जबकि 50 कार्यकर्ताओं को महानगर कार्यकारिणी में विभिन्न दायित्व सौंपे गए।


कार्यक्रम में एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान, राष्ट्रीय मंत्री पायल किनाके तथा पंजाब विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष गौरव सिंह सोहेल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


अपने संबोधन में राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और छात्र हितों के लिए एबीवीपी लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि चाहे एनटीएस से जुड़े मुद्दे हों या परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग, एबीवीपी हमेशा सबसे पहले छात्रों की आवाज़ बनकर सामने आई है। उन्होंने व्यक्तित्व निर्माण को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए विकसित भारत के लिए सक्षम और जागरूक युवा शक्ति तैयार करने पर बल दिया।
राष्ट्रीय मंत्री पायल किनाके ने विद्यार्थियों को एबीवीपी की कार्यपद्धति, विचारधारा और छात्र आंदोलनों की रचनात्मक भूमिका से अवगत कराया। उन्होंने छात्रों से सामाजिक संवेदनशीलता, राष्ट्रीय दृष्टिकोण और नेतृत्व क्षमता के साथ समाज एवं राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया।
वहीं, गौरव सिंह सोहेल ने कहा कि “ज्ञान, शील और एकता केवल नारा नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का मूल मंत्र है।” उन्होंने विद्यार्थियों से व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
मुंबई के विभिन्न महाविद्यालयों से बड़ी संख्या में छात्र कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में आगामी कार्यकाल के दौरान छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने, संगठन के विस्तार और विभिन्न छात्र गतिविधियों को और मजबूत बनाने का संकल्प भी लिया गया।


