मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई में एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों और गैस की कमी को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता और मीडिया समन्वयक सुरेशचंद्र राजहंस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार की नाकामी के कारण मुंबई समेत पूरे राज्य में एलपीजी गैस का गंभीर संकट पैदा हो गया है, जिससे आम जनता और छोटे व्यवसायियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


राजहंस ने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के प्रभाव के कारण गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है और व्यावसायिक गैस की सप्लाई बंद होने से मुंबई महानगर के होटल, खानावली और छोटे खाद्य व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि गैस की कमी के कारण मुंबई के करीब 25 प्रतिशत होटल पहले ही बंद हो चुके हैं, और यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो अगले दो-तीन दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।


उन्होंने कहा कि लाखों मुंबईकर रोज़गार और कामकाज के चलते बाहर खाना खाते हैं। वडापाव, समोसा, इडली-वड़ा जैसे खाद्य पदार्थ बेचकर हजारों छोटे व्यवसायी अपनी आजीविका चलाते हैं। गैस की कमी का सीधा असर इन कामगारों, कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है।कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकार कह रही है कि गैस की कोई कमी नहीं है, तो फिर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र में ESMA लागू करने की जरूरत क्यों पड़ी।


उन्होंने राज्य सरकार से केंद्र के साथ तत्काल बातचीत कर मुंबई और महाराष्ट्र में पर्याप्त गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।राजहंस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि नोटबंदी के समय लोगों को एटीएम और बैंकों की कतारों में खड़ा होना पड़ा था और अब गैस सिलेंडर के लिए देश को फिर कतार में खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ताली-थाली बजाने से गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा, इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।
इस मुद्दे को लेकर मुंबई कांग्रेस ने आंदोलन की घोषणा की है। राजहंस के अनुसार, कांग्रेस के नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता 13 और 14 मार्च को मुंबई के सभी जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में गैस की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शन करेंगे। कांग्रेस ने सरकार से गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने, बढ़ी हुई कीमतें कम करने और गैस का राशनिंग न करने की मांग की है।


