मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया की समयसीमा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुंबई के प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होने तक SIR प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए। 17 अगस्त को गणना प्रपत्र जमा करने की समयसीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन मुंबई में अब भी लाखों मतदाताओं के आवेदन पूरे नहीं हुए हैं। ऐसे में पात्र मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से बाहर नहीं होना चाहिए।


मुंबई कांग्रेस की संसदीय कार्य समिति की बैठक मंगलवार को राजीव गांधी भवन में आयोजित की गई। बैठक में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष सांसद वर्षा गायकवाड़, AICC के मुंबई प्रभारी यू. बी. व्यंकटेश, पूर्व मंत्री असलम शेख, CWC सदस्य नसीम खान, विधायक अमीन पटेल, सूरज ठाकुर, वीरेंद्र चौधरी, राजेश शर्मा और अशरफ आजमी सहित अन्य नेता मौजूद रहे। बैठक में मुंबई के राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों के साथ-साथ मुंबईकरों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई।


सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि महाराष्ट्र में अगले तीन वर्षों में कोई चुनाव नहीं होने की स्थिति में चुनाव आयोग SIR प्रक्रिया को लेकर इतनी जल्दबाजी क्यों कर रहा है? उन्होंने कहा कि मतदान प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और किसी भी पात्र मतदाता को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत गणना प्रपत्र भरने की अंतिम तिथि 17 अगस्त थी। लेकिन मुंबई के कई इलाकों में अभी भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के प्रपत्र नहीं भरे गए हैं। कुछ क्षेत्रों में हजारों मतदाताओं के नाम स्थानांतरित या मृत बताकर हटाए गए हैं। वहीं, कई स्थानों पर बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर प्रपत्र नहीं भरे हैं या वे सभी घरों तक नहीं पहुंच सके हैं।
■ दावे-आपत्तियों की समयसीमा एक माह बढ़ाने की मांग
वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 24 अगस्त से 23 सितंबर 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है। इसी अवधि में दही-हांडी, रक्षाबंधन और गणेशोत्सव जैसे प्रमुख त्योहार हैं। ऐसे में आम नागरिकों के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने इस अवधि को कम से कम एक महीने तक बढ़ाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि स्थानांतरित हुए लेकिन मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए पात्र नागरिकों के नाम भी जोड़े जाएं। सभी BLO के काम की तत्काल समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक पात्र मतदाता तक गणना प्रपत्र पहुंचा है। इस संबंध में मुंबई कांग्रेस की ओर से महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम को पत्र भी भेजा गया है।
■ ‘दिमागी नक्सलवादी’ बयान पर प्रधानमंत्री पर निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त को लाल किले से दिए गए भाषण में ‘दिमागी नक्सलवादी’ शब्द के इस्तेमाल पर भी वर्षा गायकवाड़ ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पहले ‘शहरी नक्सलवादी’ और अब ‘दिमागी नक्सलवादी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के मुंह से इस तरह के शब्द क्यों निकल रहे हैं?
उन्होंने कहा कि देश के विद्यार्थी भविष्य की ताकत हैं। उन्हें ‘दिमागी नक्सलवादी’ कहना आपत्तिजनक है। गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि इस तरह के शब्द संविधान द्वारा नागरिकों को दिए गए अधिकारों और स्वतंत्रता को सीमित करने की कोशिश हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भी इसी तरह का विधेयक लाने का प्रयास किया गया था।
■ चार प्रस्ताव पारित
बैठक में चार प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई रैली के स्थल का कथित रूप से ‘शुद्धीकरण’ किए जाने की घटना की निंदा की गई।
इसके अलावा मुंबई में BEST के कथित निजीकरण को रोकने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया गया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा विद्यार्थियों के लिए शुरू किए गए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान में 22 अगस्त को पुणे में बड़ी संख्या में छात्राओं के शामिल होने का आह्वान करने वाला प्रस्ताव भी मंजूर किया गया।
बैठक में मुंबई में खुले स्थानों की लगातार कमी के बावजूद खुले भूखंडों के आरक्षण को खत्म किए जाने पर भी चिंता जताई गई। मुंबई कांग्रेस ने BMC से खुले भूखंडों को बेचने और उनके आरक्षण में बदलाव करने की प्रक्रिया रोकने की मांग की।


