यूनिक इंफ्रास्ट्रक्चर आईडी की तत्काल लागू करने की मांग।

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■ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली की मांग।

मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र शासन के नियोजन विभाग ने 21 जनवरी 2025 को राज्य के विभिन्न विकास कार्यों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आधार क्रमांक की तर्ज पर ‘यूनिक इंफ्रास्ट्रक्चर आईडी’ (Unique Infrastructure ID) देने के संबंध में शासन निर्णय जारी किया था। इस निर्णय को लगभग डेढ़ वर्ष बीत जाने के बावजूद राज्य की कई प्रमुख बुनियादी ढांचा निर्माण करने वाली संस्थाओं में इसका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं होने की बात सामने आ रही है। इस निर्णय को तत्काल और सख्ती से लागू करने की मांग आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की है।

मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में अनिल गलगली ने कहा कि प्रत्येक विकास कार्य और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना को अलग यूनिक आईडी दिए जाने से उसकी पूरी जानकारी एक केंद्रीकृत कंप्यूटरीकृत प्रणाली पर उपलब्ध हो सकेगी। इसमें परियोजना का स्वरूप, स्वीकृत एवं वास्तविक खर्च, निधि का स्रोत, संबंधित विभाग या संस्था, ठेकेदार, कार्य की वर्तमान स्थिति तथा कार्य शुरू होने और पूरा होने की तारीख जैसी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल की जा सकती है।

■ एक ही काम की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी

मुंबई सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कई सरकारी विभाग और प्राधिकरण एक ही क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से बुनियादी ढांचा संबंधी कार्य करते हैं। यदि इन कार्यों की एकीकृत जानकारी उपलब्ध नहीं होगी तो एक ही प्रकार के काम दो या तीन बार होने की संभावना रहती है। इससे सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ नागरिकों को भी अनावश्यक परेशानी होती है।यूनिक इंफ्रास्ट्रक्चर आईडी प्रणाली के माध्यम से ‘Non-Duplication of Work’ सुनिश्चित किया जा सकता है, जिससे एक ही प्रकार के कार्यों की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा।

■ BMC, MSRDC, MMRDA, MIDC, MHADA, MSEDCL, CIDCO और PWD को निर्देश देने की मांग

अनिल गलगली ने मांग की है कि मुंबई महानगरपालिका (BMC), MSRDC, MMRDA, MIDC, MHADA, MSEDCL, CIDCO, सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) सहित सभी संबंधित विभागों, प्राधिकरणों और स्थानीय निकायों को उनके मौजूदा, निर्माणाधीन तथा पूर्ण हो चुके सभी प्रोजेक्ट्स को यूनिक इंफ्रास्ट्रक्चर आईडी देने की प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए जाएं।इसके साथ ही भविष्य में किसी भी सरकारी विभाग या प्राधिकरण द्वारा यूनिक इंफ्रास्ट्रक्चर आईडी बनाए बिना किसी नए बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट की निविदा जारी नहीं करने की स्पष्ट कार्यप्रणाली निर्धारित की जाए।यूनिक आईडी बनाने और उसकी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए जाएं, ऐसी मांग गलगली ने की है।

नागरिकों के लिए जानकारी सार्वजनिक करने की मांग‘एक प्रोजेक्ट–एक यूनिक आईडी’ के सिद्धांत के आधार पर प्रत्येक परियोजना की आवश्यक जानकारी नागरिकों के लिए पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक की जानी चाहिए। इससे नागरिकों को सरकारी परियोजनाओं पर होने वाले खर्च, कार्य की प्रगति और निधि के उपयोग की जानकारी आसानी से मिल सकेगी तथा प्रशासनिक पारदर्शिता मजबूत होगी।

अनिल गलगली ने कहा कि यूनिक इंफ्रास्ट्रक्चर आईडी प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से सरकारी धन की बर्बादी रोकने, कार्यों की पुनरावृत्ति टालने, परियोजनाओं का बेहतर नियोजन करने और प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।इसलिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस महत्वपूर्ण विषय का तत्काल संज्ञान लेकर राज्य के सभी संबंधित विभागों एवं प्राधिकरणों को आवश्यक निर्देश जारी करें, ऐसी मांग आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने की है।

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