■ 11 साल की बच्ची के बलात्कारी को बचाने का आरोप मुंबई का गुस्सा सड़कों पर।
जय सिंह/मुंबई वार्ता

11 साल की मासूम बच्ची के दुष्कर्म के आरोपी मोहम्मद फिरोज की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की माँग कर रहे विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर ओशिवारा पुलिस ने थाने के अंदर ही लाठियाँ बरसा दीं।


जो लोग मासूम बच्ची को न्याय दिलाने के लिए खड़े थे,उन्हीं को पुलिस ने खींच-खींचकर मारा।और आरोपी?उसके प्रति पुलिस के रवैये ने सवालों की बौछार खड़ी कर दी है। यह कार्यकर्ता संकेत सिंह,शंकर जाधव,प्रकाश कलहटकर,उमेश यादव के इनके जिस्म पर पड़े नीले-लाल निशान ही साबित कर रहे हैं कि मुंबई में न्याय माँगना अब भी ‘अपराध’ है।


पिटे हुए लोग अपराधी पर कठोर कार्यवाही की मांग कर रहे थे । दबाव में कार्यकर्ताओं को चुप कराने की कार्रवाई करते हुए थाने के अंदर अनुचित बल प्रयोग किया गया। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा आंदोलन की घोषणा की गई । रविवार, 09 नवंबर 2025 शाम 04 बजे ओशिवारा पुलिस स्टेशनपर मोर्चे का आयोजन किया गया लेकिन पुलिस उपायुक़्त ने पीटने वाले पुलिस वालों पर कार्यवाही की बात कह कर मोर्चा स्थगित करवाया।


आश्चर्य की बात तो यह है कि स्थानीय भाजपा नेता एडवोकेट राज यादव,अजीत सिंह, आशीष यादव, चंद्रकांत शिंदे, विजय पाठक जब थाने पहुचे तो इनसे भी अशोभनीय हरकते की गई । सवाल जो पूरे मुंबई में गूंज रहे हैं: “क्या अब बच्ची को न्याय दिलाने की माँग करना भी जुर्म बन गया है?”


