श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई का कचरा उठाने के नाम पर बीएमसी बड़ी ही सफाई से जनता के सैकड़ों करोड़ रुपयों की हेराफेरी कर रही है। इस प्रकार का आरोप मुंबई बीएमसी में कॉंग्रेस पक्ष नेता अशरफ आजमी ने लगाया है।


अशरफ आजमी ने बताया कि मुंबई महानगर पालिका ने पिछले साल बीएमसी चुनाव से ठीक पहले एक ही दिन में 5500 करोड़ का 8 टेंडर आवंटित कर दिया। हाल ही में बीएमसी स्टैंडिंग कमेटी ने इसी में से एक 714 करोड़ के टेंडर पर रोक लगा दी है।
ज्ञात हो कि इस 714 करोड़ रुपए के टेंडर को छह महीने बाद 15 प्रतिशत या अधिक के हिसाब से महँगाई का बहाना देकर बढ़ाया जा सकता है, क्योंकि टेंडर में छह महीने बाद कितना प्रतिशत महँगाई के आधार पर बढ़ाया जाएगा, इसका जिक्र नहीं किया गया था।जबकि पहले ऐसे टेंडर की राशि एक साल में 5 प्रतिशत तक ही बढ़ाई जाती थी और यह बात टेंडर में लिखित रहती थी।


इसके अलावा इस 714 करोड़ रुपए में से 200 करोड़ रुपए सफाई कामगार के भुगतान के लिए आवंटित किया गया है। इसमें ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बीएमसी प्रशासन ने एक प्रावधान रखा था, यदि ठेकेदार के पास नियमित कामगार कम पड़ता है तो वह निजी कामगारों को काम पर रखेगा और यदि निजी कामगार रखा गया तो ठेकेदार को बीएमसी 40 प्रतिशत अधिक भुगतान करेगी। अर्थात देखते-देखते जनता के खून-पसीने का 80 करोड़ रुपया ठेकेदार की जेब में अतिरिक्त डाल कर, बीएमसी जनता की आँखों में धूल झोंककर खुले आम करोड़ों की हेराफेरी करेगी।


जब इस हेराफेरी का खुलासा अशरफ आजमी ने किया तो अपनी चमड़ी बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने भी आनन-फानन में स्टैंडिंग कमेटी में इस 714 करोड़ के टेंडर का विरोध किया और टेंडर को दरकिनार कर दिया गया।
मजे की बात यह है कि ऐसी ही हेराफेरी के अंतर्गत अन्य 4800 करोड़ का 7 टेंडर पारित किया गया है। जिस पर सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी आंख मूंदे हुए हैं। हालांकि अशरफ आजमी ने बताया कि वे इन सभी 7 टेंडरो को भी रद्द करवा कर जनता के रुपयों के साथ हो रही हेराफेरी को उजागर करेंगे।


