मुंबई वार्ता संवाददाता

“कांग्रेस पार्टी ने 75 वर्षों में क्या दिया?”—यह सवाल कुछ लोग पूछते हैं। कांग्रेस ने रोजगार दिया, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कें, बिजली, औद्योगीकरण, प्रौद्योगिकी सहित सर्वांगीण विकास किया। कांग्रेस ने 75 वर्षों में जो कार्य किए, उनकी सूची लिखने बैठें तो कागज़ खत्म हो जाए, लेकिन भाजपा ने क्या दिया इसका हिसाब लगाएँ तो केवल झूठ और चॉकलेट ही दिखते हैं—ऐसा प्रखर प्रहार महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया है।


कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आज वसमत और भोकर नगरपालिका चुनाव के लिए प्रचार सभाएँ कीं। इस अवसर पर सांसद प्रा. रविंद्र चव्हाण, तालुकाध्यक्ष गोविंद बाबागौड पाटिल, नांदेड शहराध्यक्ष अब्दुल सत्तार अब्दुल गफूर, सुरेंद्र घोडसकर, तिरुपति पाटिल कोंढेकर, सुरेशदादा गायकवाड़, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालाजी गाड़े, भारतीताई पवार, रेखाताई चव्हाण, तौसिफ इनामदार, आदिनाथ चिंताकुटे आदि उपस्थित थे।


अपने भाषण में सपकाल आगे बोले कि देश के विकास में कांग्रेस का योगदान कोई भी नकार नहीं सकता। पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर डॉ. मनमोहन सिंह तक विकास की ऊँचाइयाँ कांग्रेस सरकारों ने हासिल कीं। लेकिन 2014 में सत्ता में आए भाजपा ने क्या दिया?—सिर्फ झूठे वादे। नोटबंदी हुई पर काला धन बाहर नहीं आया, आतंकवादी गतिविधियाँ बंद नहीं हुईं, लेकिन आम जनता परेशान हुई। हर साल 2 करोड़ नौकरियाँ, हर खाते में 15 लाख रुपये, किसानों की आय दोगुनी—ये सब हवा हो गया। नरेंद्र मोदी की शासन में अदाणी-अंबानी मलाई खा रहे हैं, और जनता भूख झेल रही है।


कांग्रेस पार्टी ने भोकर को बहुत कुछ दिया—विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री, दो बार मुख्यमंत्री पद। लेकिन भोकर पहुँचने के बाद… ‘नाम बड़े और दर्शन छोटे’—ऐसी ही स्थिति थी। ऐसे लोगों का इतिहास मत भूलिए। भोकर के वे डरपोक लोग मोदी की टोली में जाकर बैठ गए—‘जो डर गया वो मर गया’। उन्होंने गद्दारी की, भाग गए। अब साहूकारों और सेठों का राज नहीं चलेगा, जनता का राज चाहिए,” ऐसा हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।
राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष तथा सांसद शरद पवार अनुभवी नेतृत्व हैं। उन्होंने राज्य के विकास और समाजकारण के लिए अपना जीवन खपा दिया। वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन आज सत्ता पक्ष द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा है, यह निंदनीय है। शरद पवार की पार्टी तोड़ी गई, बालासाहब ठाकरे की पार्टी तोड़ी गई। “पहले बच्चों को चुराने वाली टोलियाँ होती थीं, अब भाजपा पार्टियाँ चुराने वाली टोली बन गई है”—इसका कड़ा निषेध करते हुए सपकाल ने अपना भाषण समाप्त किया।



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