कांजूर कचरा प्रकल्प में दुर्गंध रोकने के लिए हरित बफर ज़ोन विकसित करें : आयुक्त अश्विनी भिडे।

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मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

बृहन्मुंबई महानगरपालिका की आयुक्त अश्विनी भिडे ने कांजूर स्थित नागरी घनकचरा व्यवस्थापन प्रकल्प से दुर्गंध फैलने से रोकने के लिए व्यापक उपाययोजनाएं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कचरा प्रक्रिया प्रकल्प और रिहायशी इलाकों के बीच पर्यावरणीय हरित पट्टा विकसित कर प्रभावी बफर ज़ोन तैयार किया जाए, ताकि दुर्गंध, धूल और प्रदूषण पर नियंत्रण रखा जा सके।


बुधवार को अश्विनी भिडे ने कांजूर स्थित घनकचरा व्यवस्थापन प्रकल्प, देवनार वेस्ट-टू-एनर्जी प्रकल्प और विक्रोली के कन्नमवार नगर स्थित स्वच्छता कर्मियों की चौकी का आकस्मिक दौरा कर विभिन्न कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।


आयुक्त ने कहा कि ताजे कचरे पर दुर्गंध नियंत्रण रसायनों का अधिक इस्तेमाल किया जाए और रियल टाइम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत बनाया जाए। उन्होंने रात 1 बजे से सुबह 6 बजे तक दुर्गंध की स्थिति पर नजर रखने के लिए अलग नियंत्रण कक्ष स्थापित करने तथा शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।


कांजूर प्रकल्प में वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 5200 मेट्रिक टन कचरे का बायोरिएक्टर तकनीक से और 1000 मेट्रिक टन कचरे का खाद निर्माण तकनीक से वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया जा रहा है। यहां कचरे से निकलने वाली मिथेन गैस से बिजली भी बनाई जाती है। प्रकल्प परिसर में दुर्गंध नियंत्रण के लिए एंजाइम युक्त रसायनों और ‘मिस्टिंग कैनन’ प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है, जिसकी भी आयुक्त ने समीक्षा की।


अश्विनी भिडे ने कांजूर स्थित कचरा पुनर्प्रक्रिया केंद्र को बफर ज़ोन में स्थानांतरित करने के लिए तत्काल कदम उठाने और पूरे क्षेत्र को हरित पट्टे में बदलने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि वायु गुणवत्ता की अद्यतन जानकारी नियमित रूप से महानगरपालिका की वेबसाइट पर नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई जाए।


इस दौरान आयुक्त ने देवनार क्षेपणभूमी स्थित कचरे से बिजली निर्माण परियोजना का भी निरीक्षण किया। करीब 600 मेट्रिक टन कचरे पर आधारित इस परियोजना से प्रतिदिन लगभग 8 मेगावॉट बिजली उत्पादन होगा। अधिकारियों के अनुसार परियोजना का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।


इसके अलावा अश्विनी भिडे ने देवनार बायो-माइनिंग प्रकल्प का भी निरीक्षण किया। यहां वर्षों से जमा पुराने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण का कार्य किया जा रहा है, जिससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।


वहीं, विक्रोली पूर्व स्थित कन्नमवार नगर में स्वच्छता कर्मियों से संवाद करते हुए आयुक्त ने शहर की स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कचरा जमा होने वाले स्थानों की पहचान कर उनका स्थायी समाधान किया जाए और इसके लिए जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाए।

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