मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र किसानों को ‘हरित ऊर्जा’ प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। यह निर्णय राज्य को बिजली खरीद में 10,000 करोड़ रुपये की बचत करेगा।राज्य के सतत विकास के लिए एक ‘ब्लूप्रिंट’ तैयार किया गया है, और वर्तमान में 50 प्रतिशत बिजली हरित स्रोतों से उत्पन्न होती है। अगले पांच वर्षों में बिजली की दर कम हो जाएगी। इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने दी है।


उन्होंने बताया कि पीएम कुसुम योजना कृषि पंपों के तहत राज्य में 60 प्रतिशत स्थापित किए गए हैं। तीन महीनों में 3 लाख 86 हजार कृषि पंप स्थापित किए गए हैं। इसके कारण, 23 लाख एकड़ जमीन सिंचाई के तहत आ गई है। प्रधानमंत्री सूर्या घर फ्री इलेक्ट्रिसिटी स्कीम के तहत, घर की छत पर ‘सोलर रूफ टॉप’ सिस्टम स्थापित किया जा रहा है। इस योजना से 30 लाख परिवारों को फायदा होगा और उन्हें बिजली के बिलों का भुगतान नहीं करना पड़ेगा


