जय सिंह/मुंबई वार्ता

मुंबई विलेपार्ले स्थित कूपर अस्पताल में पित्ताशय (गॉल ब्लैडर) की पथरी निकालने की सर्जरी पिछले कई महीनों से बंद पड़ी है। लेप्रोस्कोपी सर्जरी के लिए आवश्यक मशीनरी खराब होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है, जिससे मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


कूपर अस्पताल में प्रतिमाह औसतन 30 से अधिक पित्ताशय की सर्जरी की जाती थीं। किंतु पिछले लगभग छह महीनों से एक भी सर्जरी नहीं हो सकी है। इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। उपनगर निवासी सावित्री गिरी ने बताया कि नवंबर में पेट में तेज दर्द होने पर वह कूपर अस्पताल गई थीं। जांच में पित्ताशय में पथरी पाई गई। डॉक्टरों ने एक माह बाद सर्जरी के लिए बुलाया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्हें केवल नंबर देकर घर भेज दिया गया। अब तक सर्जरी के लिए कोई सूचना नहीं मिली है।


अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में उपलब्ध लेप्रोस्कोपी प्रणाली अब कालबाह्य हो चुकी है। वर्ष 2017 में दानस्वरूप प्राप्त यह मशीन अब उपयोग योग्य नहीं रही। हाल ही में इसमें तकनीकी खराबी आई थी, लेकिन संबंधित कंपनी ने स्पष्ट कर दिया कि इस मॉडल की मरम्मत संभव नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, नई लेप्रोस्कोपी मशीन की खरीद के लिए अस्पताल प्रशासन ने मुंबई महानगरपालिका को प्रस्ताव भेजा था। हालांकि प्रस्ताव में तकनीकी त्रुटियां पाए जाने के कारण उसे वापस भेज दिया गया। आवश्यक सुधार कर प्रस्ताव पुनः प्रस्तुत किया गया है, लेकिन मशीन खरीद प्रक्रिया कब पूरी होगी, इस पर अभी कोई स्पष्टता नहीं है। कूपर अस्पताल के अधिष्ठाता तथा महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई।अस्पताल में दो लेप्रोस्कोपी मशीनें थीं। इनमें से एक उच्च गुणवत्ता की स्पष्ट दृश्य प्रणाली मेंटेनेंस के बाद पूरी तरह बंद हो गई है। दूसरी मशीन सिंगल-चिप तकनीक पर आधारित है, जिसका दृश्य अत्यंत निम्न स्तर का है। लेप्रोस्कोपी सर्जरी के लिए स्पष्ट और उच्च गुणवत्ता की इमेज आवश्यक होती है।
निम्न गुणवत्ता के दृश्य के कारण सर्जरी के दौरान मरीज के लिए जोखिम बढ़ सकता है।इस बीच जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया है कि मरीजों को हो रही असुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक उपकरण जल्द उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।


