क्या हिंजवड़ी का आईटी उद्योग बेंगलुरु चला गया तब तक सरकार और पालक मंत्री सो रही थी?: हर्षवर्धन सपकाल।

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■ महाराष्ट्र से उद्योगों के पलायन के लिए भाजपा-शिंदे-फडणवीस सरकार की भ्रष्टाचार व उनके नेताओंकी गुंडागर्दी जिम्मेदार.

● पुणे शहर को गर्त में ढकेलने वाले उपमुख्यमंत्री अजित पवार को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।

मुंबई वार्ता संवाददाता

कांग्रेस शासनकाल में हिंजवड़ी में विकसित हुआ आईटी उद्योग अब बेंगलुरु और हैदराबाद की ओर रुख कर रहा है। खुद उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इसे स्वीकार किया है, तो सवाल उठता है कि राज्य सरकार और पुणे के पालक मंत्री अजित पवार क्या तब तक सो रहे थे? यह तीखा सवाल महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने उठाया है।

उन्होंने मांग की कि अजित पवार इस विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेकर तुरंत इस्तीफा दें।भाजपा युति सरकार और पुणे के पालकमंत्री अजित पवार पर तीखा हमला करते हुए प्रदेशाध्यक्ष सपकाल ने कहा कि पुणे महाराष्ट्र का औद्योगिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। पुणे का गौरवशाली स्थान अब इतिहास बन चुका है। शहर में कोयता गैंग, ड्रग्स की काली मंडी खुलेआम चल रही है। एक बारिश में पूरा शहर जलमग्न हो जाता है और ट्रैफिक की भीषण समस्या ने उद्योगों का दम घोंट दिया है।राज्य में कानून व्यवस्था चरमराई हुई है, सत्ता पक्ष के भ्रष्टाचार और पदाधिकारियों की गुंडागर्दी से उद्यमी परेशान हो चुके हैं। आधारभूत सुविधाओं की दुर्दशा के कारण आईटी उद्योग महाराष्ट्र से पलायन कर रहे हैं। जो उद्योग राज्य में हैं, वे भी जा रहे हैं और जो आ सकते थे – जैसे वेदांता-फॉक्सकॉन – उन्हें भाजपा सरकार की निकम्मी कार्यप्रणाली ने गुजरात की झोली में डाल दिया। यह परियोजना 1.6 लाख करोड़ रुपये की निवेश और 2 लाख रोजगार देने वाली थी, लेकिन महाराष्ट्र को उससे वंचित रखा गया।

अब जब खुद उपमुख्यमंत्री स्वीकार कर रहे हैं कि उद्योग राज्य से जा रहे हैं, तो सरकार को इसका खुलासा करना चाहिए कि क्यों ऐसा हो रहा है, ऐसा हर्षवर्धन सपकाल ने जोर देकर कहा।

आगे बोलते हुए सपकाल ने कहा कि केवल पुणे ही नहीं, बल्कि नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और मुंबई की भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। राज्य में बेरोजगारी चरम पर है, युवाओं के हाथों को काम नहीं है, किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, वे आत्महत्या कर रहे हैं, महंगाई से आम आदमी त्रस्त है – लेकिन सरकार के मंत्री हिंदू-मुस्लिम विवाद भड़का रहे हैं और ‘खोके’ (लालच की राजनीति) से अपनी जेबें भर रहे हैं।

यह “आका व खोके” की संस्कृति महाराष्ट्र को गर्त में ले जा रही है। इतना भ्रष्ट, निष्क्रिय और बेशर्म सरकार महाराष्ट्र ने पहले कभी नहीं देखी, ऐसा तीखा हमला भी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया।

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