श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

फूड एंड ड्रग्स विभाग की खामियों का फायदा उठाकर ड्रग्स डीलर दवा फैक्टरी खोलते हैं और दवा के लिए उपयोग में आने वाले केमिकल का उपयोग कर एमडी जैसे जहरीले नशीले पदार्थ बनाकर नशे का व्यापार करते हैं।


महाराष्ट्र के सांगली इलाके मे एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्टरी का पर्दाफाश करने के बाद मामले की जांच के दौरान मालूम हुआ है कि एमडी बनाने के लिए जरूरी केमिकल की आपूर्ति ड्रग्स डीलरो को हैदराबाद और गुजरात से होती रही है। इस बात की जानकारी सूत्रों से प्राप्त हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुंबई क्राइम ब्रांच 7 ने पिछले साल फरवरी माह में कुर्ला पश्चिम से एक महिला ड्रग्स डीलर परवीन बानो गुलाम शेख को 641 ग्राम एमडी समेत गिरफ्तार किया था। परवीन से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मीरा रोड के ड्रग्स डीलर साजिद शेख उर्फ डब्स को 3 किलो एमडी समेत गिरफ्तार किया था।
साजिद दुबई के ड्रग्स डीलरो की मदद से सूरत की एक कंपनी से एमडी बनाने के लिए आवश्यक केमिकल की आपूर्ति सांगली स्थित एमडी बनाने वाली कंपनी को करवा रहा था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने सूरत से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर सांगली स्थित ड्रग्स फैक्टरी का पर्दाफाश कर 250 करोड़ की एमडी ज़ब्त किया था।
इसी मामले में क्राइम ब्रांच ने पहले सलीम डोला और बाद में यू.ए.इ से मुस्तफा मोहम्मद कुब्बावाला को गिरफ्तार कर हिन्दुस्तान प्रत्यापित किया है।
सूत्रों के अनुसार इसी मामले की जांच के दौरान पुलिस को मालूम हुआ है कि एमडी बनाने के लिए आवश्यक केमिकल मुख्य रूप से हैदराबाद और गुजरात के अंकलेश्वर से आपूर्ति की जाती रही हैं।
सूत्रों के अनुसार हैदराबाद और गुजरात की कंपनियो से एमडी बनाने के लिए जरूरी केमिकल की आपूर्ति तो की गई है लेकिन उन कंपनी मालिकों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके द्वारा आपूर्ति किए जा रहे केमिकल का उपयोग जीवनोपयोगी दवा बनाने के लिए नहीं अपितु एमडी बनाने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस की सख्त और सटीक जाँच के कारण ड्रग्स के व्यापरियों को यू.ए.इ. तक से पकड़ा जा सका है।
ऐसे केमिकल जिनका उपयोग एमडी ड्रग्स जैसी नशीली दवाओं को बनाने में किया जा सकता है, यह जानकारी होने के बावजूद फूड एंड ड्रग्स विभाग ने आज तक उन केमिकल की खरीद-फरोख्त को लेकर कोई सख्त नियम नहीं बनाए हैं। यही कारण है कि ड्रग्स डीलरो को एमडी बनाने के लिए केमिकल की आपूर्ति हो जाती है. जो आगे चलकर पुलिस और पूरे देश के लिए सिरदर्द का कारण बनती है।



कार्रवाई होनी चाहिए