मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र के सरकारी, मनपा, अनुदानित और गैर-अनुदानित स्कूलों में भौतिक सुविधाओं की जांच करने वाले अधिकारियों के कुल 89 पद खाली होने का मामला सामने आया है। इसे गंभीरता से लेते हुए मुंबई उपनगर के पालकमंत्री एडवोकेट आशिष शेलार ने प्रशासन को इन सभी रिक्त पदों को तत्काल भरने के निर्देश दिए हैं।


मुंबई शहर और उपनगरों के स्कूलों में बुनियादी ढांचे, शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की सुरक्षा और उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा के लिए पालकमंत्री आशिष शेलार ने सोमवार को राज्य सरकार और मुंबई महानगरपालिका के संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में स्कूलों की भौतिक सुविधाओं की नियमित जांच और उनके रखरखाव की व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।


■ 505 माध्यमिक स्कूलों के लिए 18 पद खाली
मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में राज्य सरकार की मान्यता प्राप्त 505 माध्यमिक स्कूल हैं। इनमें पूर्वी उपनगरों में 240 और पश्चिमी उपनगरों में 265 स्कूल शामिल हैं।
इन स्कूलों की भौतिक सुविधाओं की जांच के लिए केवल 15 शिक्षा उपनिरीक्षक और सहायक उपनिरीक्षक कार्यरत हैं, जबकि इस व्यवस्था में 18 पद रिक्त हैं।
■ 2,132 स्कूलों की जांच के लिए 71 पद खाली
इसी तरह मुंबई महानगरपालिका की 1,132 प्राथमिक स्कूलों के साथ निजी अनुदानित और गैर-अनुदानित स्कूलों को मिलाकर कुल 2,132 स्कूलों की भौतिक सुविधाओं की जांच की व्यवस्था है। इन स्कूलों की जांच के लिए विभाग निरीक्षकों के केवल 11 पद भरे हुए हैं, जबकि 71 पद खाली हैं।
इस तरह माध्यमिक और प्राथमिक स्कूलों की भौतिक सुविधा जांच व्यवस्था में कुल 89 पद रिक्त हैं।
■ शौचालय से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक 10 सुविधाओं की जांच
स्कूलों में शौचालय, इमारत की स्थिति, कक्षाएं, बिजली, पेयजल, सुरक्षा समेत करीब 10 विभिन्न भौतिक सुविधाओं की जांच राज्य सरकार और महानगरपालिका के संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाती है। यह जांच सामान्यतः हर तीन वर्ष में की जाती है।
बैठक में सामने आया कि बड़ी संख्या में जांच अधिकारियों के पद खाली होने के कारण स्कूलों की भौतिक सुविधाओं और शैक्षणिक व्यवस्था की प्रभावी एवं नियमित निगरानी प्रभावित हो सकती है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ने की आशंका है।
■ ‘विद्यार्थियों की सुरक्षा से समझौता नहीं’
पालकमंत्री आशिष शेलार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए और स्कूलों की जांच व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में किसी भी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए और विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। प्रत्येक स्कूल में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं, इसकी नियमित जांच होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को जांच के बाद रिपोर्ट तैयार करने और सामने आने वाली कमियों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार करने के निर्देश भी दिए।


