श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई में डोंगरी इलाके से एमडी ड्रग्स का सबसे बड़ा नेटवर्क चलाने वाले आरिफ भुजवाला और चिंकू पठान के ड्रग्स व्यापार का नया डॉन कौन है ? यह सवाल मुंबई पुलिस के लिए कोई पहेली नहीं है क्योंकि पुलिस विभाग को मालूम है कि इस धंधे का नया डॉन है खुर्शीद।


■ कैसे बना खुर्शीद, एमडी ड्रग्स धंधे का डॉन?
दरअसल आरिफ भुजवाला और चिंकू पठान के साथ एमडी ड्रग्स कारोबार में काम करते-करते खुर्शीद ने ड्रग्स व्यापार की बारीकियों को सीखा है। दोनों बड़े ड्रग्स डीलरो के जेल जाने के बाद खुर्शीद ही एकमात्र आरिफ का पारिवारिक और करीबी व्यक्ति था जिस पर आरिफ भुजवाला भरोसा कर सकता था। इसके अलावा खबरियों और भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के नेटवर्क से भी वह अच्छी तरह वाकिफ था। इसी बात का खुर्शीद को लाभ मिला और दोनों बॉस के जेल जाते ही वह मुंबई एमडी ड्रग्स व्यापार का नया डॉन बन गया है।


■ कहां बनती है ड्रग्स?
आरिफ भुजवाला के निर्देशानुसार खुर्शीद ने एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्टरी सातारा और गोवा में डाल रखी है। ड्रग्स पैडलरो की चैन के माध्यम से इन स्थानों से ड्रग्स मुंबई के डोंगरी,ठाणे,पुणे,गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान तक पहुंचती है।
■ कैसे चलाता है ड्रग्स व्यापार ?
खुर्शीद ने पुलिस की आंख-कान माने जाने वाले खबरियों को अपनी ओर मिला लिया है। कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी खुर्शीद की पे-रोल पर कार्यरत है ? खुर्शीद ड्रग्स कारोबार को करते समय कभी भी ड्रग्स डीलिग में सीधे शामिल नहीं होता इसीलिए उसे ड्रग्स के साथ गिरफ्तार करना मुश्किल काम है। ऐसा नहीं है कि उक्त बातों की जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को नहीं है। पूरी जानकारी होने के बावजूद कमजोर खबरियों के नेटवर्क और पुलिस विभागीय अंदरूनी भ्रष्टाचार के कारण खुर्शीद को गिरफ्तार करने में मुंबई पुलिस नाकाम साबित हो रही है और खुर्शीद कानून को चिढ़ाता हुआ खुले आम मुंबई पुलिस की नाक के नीचे एमडी ड्रग्स कारोबार कर रहा है।
■ कैसे पकड़ सकते हैं खुर्शीद को ?
मुंबई के चेंबूर चीता कैम्प में सन्नी नामक पूर्व पुलिस खबरी अब एमडी ड्रग्स के व्यापार में पूरी तरह शामिल है। तन्वीर पेरयानी नामक गिरफ्तार ड्रग्स डीलर के लिए काम करते- करते अब सन्नी स्वयं एक ड्रग्स डीलर बन गया है। पुलिस के साथ काम करने के कारण सन्नी, पुलिस की कार्रवाई के तरीके से अच्छी.तरह वाकिफ है। सन्नी का जीजा पहले से ही ड्रग्स व्यापार में क्रियाशील था, उसे कुछ साल पहले मुंबई एंटी नार्कोटिक्स की घाटकोपर यूनिट ने गिरफ्तार भी किया था। उस मामले में भी सन्नी आरोपी था लेकिन एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के निर्देशानुसार उसे गिरफ्तार नहीं किया गया था। अब सन्नी ही खुर्शीद के एमडी ड्रग्स ट्रांसपोर्ट का काम संभालता है। यदि पुलिस सन्नी को पकड़ ले तो खुर्शीद की सभी ड्रग्स फैक्टरी का पर्दाफाश हो सकता है।
अब इतनी जानकारी मिलने के बावजूद यदि खुर्शीद के ड्रग्स व्यापार पर रोक नहीं लगाई जा सके तो मुंबई पुलिस का क्राइम ब्रांच, एंटी नार्कोटिक्स विभाग, सभी पुलिस थानों में बने एंटी नार्कोटिक्स के विशेष विभाग किस काम के है ?


