श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुलुंड पूर्व स्थित ऑर्किड इंटरनेशनल स्कूल के पास प्रस्तावित पेट्रोल पंप को लेकर स्थानीय नागरिकों ने सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी चिंताएं जताई हैं। कांग्रेस नेता एवं MRCC के महासचिव-प्रवक्ता राकेश शंकर शेट्टी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और एनजीओ स्वयंसेवकों के साथ मंगलवार को प्रस्तावित स्थल का मौके पर मापन किया। उनके अनुसार, स्कूल और प्रस्तावित पेट्रोल पंप स्थल के बीच की दूरी महज 5 मीटर पाई गई।


शेट्टी का दावा है कि इतनी कम दूरी विद्यार्थियों की सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के नए पेट्रोल पंपों से संबंधित मानकों के अनुसार स्कूल जैसे संवेदनशील स्थानों से निर्धारित न्यूनतम दूरी का पालन किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, सामान्य तौर पर दूरी फिल प्वाइंट, डिस्पेंसिंग यूनिट अथवा वेंट पाइप में से जो सबसे नजदीक हो, वहां से मापी जाती है।


नागरिकों का कहना है कि यदि निर्धारित 50 मीटर की दूरी संभव नहीं है, तो संबंधित सुरक्षा मानकों के तहत अतिरिक्त सुरक्षा उपाय जरूरी होते हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में दूरी 30 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए। ऐसे में स्कूल से केवल 5 मीटर की दूरी पर प्रस्तावित पेट्रोल पंप को लेकर उन्होंने तत्काल जांच और पुनर्विचार की मांग की है।
■ पेट्रोल पंप या CNG स्टेशन का विरोध नहीं
स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट किया है कि उन्हें पेट्रोल पंप या CNG स्टेशन की स्थापना से आपत्ति नहीं है। उनका कहना है कि ऐसी सार्वजनिक सुविधा के लिए सुरक्षित और उपयुक्त स्थान चुना जाना चाहिए। नागरिकों ने खुले मैदान, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की जमीन अथवा स्कूल के बिल्कुल पास पेट्रोल पंप बनाए जाने पर सवाल उठाए हैं।
■ ऑक्ट्रॉय नाका की 18 एकड़ जमीन का सुझाव
नागरिकों की ओर से मुलुंड पूर्व के ऑक्ट्रॉय नाका क्षेत्र में उपलब्ध लगभग 18 एकड़ खुली जमीन को वैकल्पिक स्थल के रूप में सुझाया गया है। उनका कहना है कि इस स्थान पर पेट्रोल पंप या CNG स्टेशन स्थापित करने पर सार्वजनिक जरूरत भी पूरी हो सकती है और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठ रही चिंताओं का भी समाधान हो सकता है।
शेट्टी के अनुसार, मंगलवार को किए गए स्थल मापन के निष्कर्ष बीएमसी आयुक्त, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को भेजे जाएंगे। उन्होंने पूरे मामले की तत्काल जांच कराने तथा मौजूदा प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
■ निर्णय नहीं बदला तो शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी
नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने प्रस्तावित स्थान को लेकर अपना निर्णय नहीं बदला, तो Gen Z, Gen Alpha, विद्यार्थी, अभिभावक, कांग्रेस कार्यकर्ता, एनजीओ स्वयंसेवक और स्थानीय नागरिक मिलकर शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे। आंदोलन का उद्देश्य खुले स्थानों की रक्षा करने के साथ-साथ स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होगा।


