मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान मंडपों के लिए गड्ढे खोदने पर गणेशोत्सव मंडलों पर लगाए गए १५,००० रुपये के जुर्माने का आदेश को वापस लेने की घोषणा की गई है।


नगर आयुक्त भूषण गगन के साथ चर्चा के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जुर्माना वापस लेने का निर्देश दिया था। जिसके संबंध में १५ हजार जुर्माने के आदेश को वापस लेने की घोषणा की गई है। प्रति गड्ढे जुर्माने की राशि मूल २,००० रुपये ही रहेगी।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जुर्माने की राशि में कमी के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि आयुक्त से चर्चा के बाद निर्णय लिया गया है कि जुर्माना नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। शिंदे ने मंडलों को कंक्रीट की सड़कों पर खुदाई से बचने और संरचनात्मक क्षति को कम करने के लिए मंडपों के निर्माण के आधुनिक तरीकों को लागू करने का भी निर्देश दिया।


कथित तौर पर राज्य के एक कैबिनेट मंत्री के हस्तक्षेप के बाद यह निर्णय लिया गया। उन्होंने बुधवार को सार्वजनिक निकायों के साथ बैठक के बाद जुर्माना कम करने और नागरिक आयुक्त के समक्ष इस मुद्दे को उठाने का भी वादा किया।
वर्षों से, मनपा गणेशोत्सव के बाद गणेश मंडलों द्वारा मंडप निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढों के लिए २,००० रुपये प्रति गड्ढे के हिसाब से जुर्माना वसूलती रही है। हालाँकि, इस वर्ष, २१ जुलाई को मनपा द्वारा जारी एक नोटिस में, जुर्माने की राशि बढ़ाकर १५,००० रुपये कर दी गई। इससे मुंबई के सभी सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों में असंतोष फैल गया था।


