मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कांग्रेस के राज्य मुख्यालय गांधी भवन में हुई तोड़फोड़ और हंगामे की घटना की कड़ी निंदा करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट), भाजपा और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यालय में घुसकर हिंसा फैलाना लोकतांत्रिक परंपराओं पर हमला है और इसके पीछे भाजपा तथा पुलिस का संरक्षण था।


सपकाल ने कहा कि कांग्रेस चाहती तो “ईंट का जवाब पत्थर से” दे सकती थी, लेकिन पार्टी महात्मा गांधी के अहिंसा के मार्ग से कभी नहीं हटेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि प्रदर्शनकारी पहले से सूचना देकर आते, तो कांग्रेस उनका संविधान भेंट कर स्वागत करती।
उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के गांधी भवन पहुंचने की जानकारी पुलिस को नहीं होना विश्वास करने योग्य नहीं है। उनका आरोप था कि कांग्रेस कार्यालय को पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई और पुलिस की भूमिका सुरक्षा देने के बजाय हमलावरों को संरक्षण देने जैसी दिखाई दी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी पर कितने भी हमले हों, वह विपक्ष की भूमिका निभाना नहीं छोड़ेगी और न ही अपनी संस्कृति, सभ्यता और लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की घटनाएं जारी रहीं, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा होगा। हालांकि कांग्रेस अपने सिद्धांतों से समझौता किए बिना ही जवाब देगी।
सपकाल ने कहा कि जिस व्यक्ति ने गांधी भवन में उत्पात मचाया, उसे पहले ही अजित पवार ने पार्टी पद से हटा दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को संस्कृति और मर्यादा का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है। बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार के सम्मान में कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार वापस लेकर राजनीतिक शालीनता का परिचय दिया था।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों नेताओं का अपमानजनक शब्दों से मजाक उड़ाया गया था, लेकिन उन्होंने अपने काम और राष्ट्र निर्माण में योगदान से उसका जवाब दिया। सपकाल ने कहा कि सुनेत्रा पवार को भी आलोचनाओं का जवाब अपने काम के माध्यम से देना चाहिए।
(यह कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल का आधिकारिक बयान है। भाजपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और पुलिस की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आना बाकी है।)


