मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के गोवंडी इलाके में एक 15 वर्षीय किशोर को कथित तौर पर नशीली गोलियां बेचने के लिए इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में देवनार पुलिस ने एक महिला के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।


पुलिस के अनुसार, 24 सितंबर की रात देवनार पुलिस थाने के एंटी-ड्रग स्क्वाड की टीम नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान के तहत गश्त कर रही थी। रात करीब 11.15 बजे पुलिस टीम ने गोवंडी के डॉ. जाकिर हुसैन नगर स्थित संत रोहिदास उद्यान के पास एक 15 वर्षीय लड़के को संदिग्ध हालत में देखा। पुलिस को देखते ही किशोर ने अपने पास मौजूद प्लास्टिक की थैली को लपेटकर वहां से भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उसे रोक लिया।


पूछताछ के दौरान किशोर ने कथित तौर पर बताया कि थैली में नशे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली गोलियां हैं। इसके बाद पुलिस ने उसके एक रिश्तेदार, उसकी मौसी, की मौजूदगी में तलाशी ली। तलाशी के दौरान नाइट्राजेपाम 10 मिलीग्राम की 75 गोलियां और अल्प्राजोलम 1 मिलीग्राम की 55 गोलियां बरामद होने का दावा पुलिस ने किया है।
पुलिस के मुताबिक, बरामद 75 नाइट्राजेपाम गोलियों की अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपये और 55 अल्प्राजोलम गोलियों की कीमत करीब 22 हजार रुपये बताई गई है। अल्प्राजोलम गोलियों का कुल वजन लगभग 7.15 ग्राम बताया गया है।
पूछताछ में किशोर ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह ये गोलियां नशा करने वाले लोगों को बेचता था। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके इलाके में रहने वाली एक महिला, जिसे वह ‘बानो खाला’ के नाम से जानता है, उसे ये गोलियां बेचने के लिए देती थी और इसके बदले उसे 200 रुपये देती थी।
पुलिस ने महिला पर नाबालिग को कथित रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 95, 8(सी), 22(ए) और 29 तथा जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन) एक्ट, 2015 की धारा 78 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे जांच जारी है।


