मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय के कृषि पंप उपभोक्ताओं को रियायती बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण) को 143.74 करोड़ रुपये जारी करने को मंजूरी दी है। इस संबंध में राज्य सरकार ने शासनादेश (जीआर) जारी किया है।
यह राशि आदिवासी विकास विभाग के जनजातीय घटक कार्यक्रम के तहत बिजली दरों में दी जाने वाली रियायत की भरपाई के लिए निर्धारित 594 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान का हिस्सा है।


सरकार के अनुसार, आदिवासी समुदाय के व्यक्तिगत लाभार्थी किसानों द्वारा कृषि पंपों के संचालन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बिजली पर यह रियायत दी जाती है।
शासनादेश के अनुसार, आदिवासी विकास विभाग ने 143.74 करोड़ रुपये ऊर्जा विभाग को उपलब्ध कराए हैं, जिसके बाद ऊर्जा विभाग यह राशि महावितरण को हस्तांतरित करेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस धनराशि का इस्तेमाल केवल पात्र अनुसूचित जनजाति के कृषि पंप उपभोक्ताओं के बिजली शुल्क में सब्सिडी देने के लिए किया जाएगा।


सरकार का कहना है कि इस सब्सिडी से उन आदिवासी किसानों पर बिजली खर्च का आर्थिक बोझ कम होगा, जो सिंचाई और कृषि गतिविधियों के लिए बिजली से चलने वाले पंपों पर निर्भर हैं। महावितरण को निर्देश दिया गया है कि स्वीकृत राशि का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जाए और खर्च का उचित लेखा-जोखा रखा जाए।
यह खर्च वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनजातीय घटक कार्यक्रम के तहत कृषि पंप उपभोक्ताओं को बिजली दरों में रियायत देने से संबंधित राज्य योजना मद में दर्ज किया जाएगा। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को कोषागार के माध्यम से राशि निकालकर चेक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों, जैसे एनईएफटी अथवा आरटीजीएस, से महावितरण को भुगतान करने की अनुमति दी गई है।
जीआर में यह भी कहा गया है कि योजना के तहत उपयोगिता प्रमाणपत्र या लंबित दावों का कोई बकाया नहीं है और राशि जारी करने की प्रक्रिया वित्त विभाग द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुरूप है। महावितरण की जानकारी के अनुसार, राज्य में कृषि उपभोक्ताओं को पहले से ही रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाती है और कृषि क्षेत्र के लिए सरकार अतिरिक्त सब्सिडी देती है।
सरकार द्वारा जारी यह राशि राज्य के आदिवासी किसानों को कृषि पंपों के लिए रियायती बिजली की सुविधा जारी रखने में मदद करेगी।


