श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

विभिन्न जिलों और दूसरे राज्यों से चोरी किए गए एप्पल मोबाइल खरीदकर उनका आईएमईआई नंबर बदलने और मोबाइल बाजार में बेचने वाले गिरोह का माता रमाबाई आंबेडकर मार्ग पुलिस थाना, मुंबई ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:-
१) शाहनवाज नफीज खान, (२६ वर्ष)
२) विक्रम सुजाजी माली, (२७ वर्ष)
३) बिलाल रज्जबअली नागोरी, (३० वर्ष)
४) अल्तमेश इम्तियाज खान, (२६ वर्ष)


पुलिस के अनुसार, मोबाइल चोरी के एक मामले की तकनीकी जांच के दौरान पता चला कि चोरी किए गए मोबाइल में एक ही सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया था। इसके आधार पर की गई विस्तृत तकनीकी जांच में चोरी के मोबाइल में सिम कार्ड इस्तेमाल करने वाले आरोपी का पता लगाया गया। उसकी निशानदेही पर 21 एप्पल मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए।


जांच आगे बढ़ाने पर पता चला कि आरोपी विभिन्न जिलों और दूसरे राज्यों से चोरी किए गए एप्पल मोबाइल खरीदते थे। इन मोबाइल के आईएमईआई नंबर बदलकर उन्हें महाराष्ट्र तथा अन्य राज्यों में बेच दिया जाता था। वहीं, आईएमईआई नहीं बदले जा सकने वाले चोरी के मोबाइल को अलग-अलग हिस्सों में खोलकर कम कीमत में बाजार में बेच दिया जाता था।
इस गिरोह से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से कुल 64 एप्पल मोबाइल फोन तथा चोरी किए गए 20 मोबाइल फोन के अलग-अलग पार्ट्स, जिनमें मिडिल बॉडी, डिस्प्ले, बैटरी, मदरबोर्ड और लॉजिक बोर्ड आदि शामिल हैं, बरामद किए गए। बरामद मुद्देमाल की कुल कीमत करीब 44 लाख 78 हजार 400 रुपये बताई गई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि बरामद चोरी के मोबाइल से जुड़े मामलों के तार विभिन्न राज्यों से जुड़े हैं। इनमें तेलंगाना के 11, दिल्ली के 3, महाराष्ट्र/मुंबई के 11, कर्नाटक के 2, राजस्थान के 9, तमिलनाडु के 9 और उत्तराखंड के 1 मामले शामिल हैं। इस कार्रवाई से चोरी के कुल 46 मामलों का खुलासा होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
यह कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त शैलेश बलकवडे, दक्षिण प्रादेशिक विभाग, मुंबई; पुलिस उपायुक्त मनीष कलवानिया, दक्षिण परिमंडल-1; तथा सहायक पुलिस आयुक्त निलेश बागुल, आजाद मैदान विभाग के मार्गदर्शन में की गई।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल मुंढे और पुलिस निरीक्षक (अपराध) फरीद खान के नेतृत्व में माता रमाबाई आंबेडकर मार्ग पुलिस थाने की टीम ने यह कार्रवाई की। जांच में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


