मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने एमपीएससी छात्रों के मुद्दे को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के हित के नाम पर राजनीति की जा रही है और इसका उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि राजनीतिक करियर चमकाना है।


भाजपा प्रदेश कार्यालय में सोमवार को आयोजित पत्रकार परिषद में बन ने कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक की घटनाओं के समय रोहित पवार, नाना पटोले, सुप्रिया सुले और विजय वडेट्टीवार चुप बैठे थे। अब एमपीएससी छात्रों के मुद्दे पर राजनीति की जा रही है।
बन ने रोहित पवार के एमपीएससी छात्रों के प्रति समर्थन को ‘पूतना मौसी के प्रेम’ जैसा बताते हुए कहा कि उन्हें छात्रों के करियर से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने चुनौती दी कि यदि रोहित पवार वास्तव में छात्रों के हित को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें अपनी संस्था के माध्यम से कितने छात्रों को मुफ्त शिक्षा दी गई, इसका आंकड़ा सार्वजनिक करना चाहिए।
■ मुख्यमंत्री ने छात्रों की समस्याएं सुनीं
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में एमपीएससी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने सारथी, बार्टी सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से एमपीएससी और यूपीएससी की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को सुविधाएं और रियायतें देने की घोषणा की है।
बन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में परीक्षाओं के आयोजन में अनियमितताएं होती थीं और विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई जाती थीं। उन्होंने कहा कि छात्रों ने यह सब अपनी आंखों से देखा है।
■ ‘एमपीएससी स्वायत्त संस्था, गलती पर होगी कार्रवाई’
एमपीएससी को लेकर रोहित पवार पर निशाना साधते हुए बन ने कहा कि एमपीएससी एक स्वायत्त संस्था है और उसके अध्यक्ष तथा पूरी समिति स्वायत्त रूप से काम करती है। यदि संस्था में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने औषध निरीक्षक परीक्षा के पेपर लीक मामले का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस ने खुद मामला दर्ज कर जांच शुरू की और परीक्षा नियंत्रक सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया। बन ने कहा कि किसी को भी संरक्षण नहीं दिया जाएगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे सजा मिलेगी। हालांकि, उन्होंने इस मुद्दे पर राजनीतिक नाटक करने को गलत बताया।
■ संजय राऊत पर भी निशाना
नवनाथ बन ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राऊत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े डीजे बजाने का समर्थन किसी ने नहीं किया है, लेकिन राऊत से सवाल है कि जब दूसरे समुदाय के जुलूसों में देर रात तक डीजे बजते हैं, तब वे आवाज के मुद्दे पर चुप क्यों रहते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई जैसे शहर में साइलेंसर निकालकर तेज आवाज में वाहन चलाए जाने और देर रात तक निकलने वाले जुलूसों के दौरान भी राऊत विरोध नहीं करते। बन ने कहा कि लालबाग में गणपति शोभायात्रा के दौरान अंडे फेंके जाने की घटना पर भी राऊत चुप रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि राऊत को केवल हिंदू त्योहारों से आपत्ति है और भाजपा इस कथित दोहरे रवैये को जनता के सामने लाएगी।
■ सुप्रिया सुले के किसान आत्महत्या वाले बयान पर पलटवार
किसानों की आत्महत्या को लेकर सुप्रिया सुले के बयान पर भी नवनाथ बन ने पलटवार किया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि सुले को एक एकड़ बैंगन की खेती से करोड़ों रुपये कमाने का कोई फॉर्मूला पता है तो वह महाराष्ट्र के किसानों को बता दें, ताकि किसानों के सामने आत्महत्या की नौबत न आए।
बन ने दावा किया कि राज्य सरकार ने किसानों के लिए विभिन्न रियायतों और योजनाओं की घोषणा की है और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि भाजपा किसानों को लेकर राजनीति नहीं करती और न ही एक एकड़ बैंगन की खेती से करोड़ों रुपये कमाने का दावा करती है।


