मुंबई वार्ता संवाददाता

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटील द्वारा मुंबई में आंदोलन की घोषणा के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। फडणवीस ने कहा कि इस समय गणेशोत्सव चल रहा है और ऐसे में जरांगे पाटील का मुंबई आकर आंदोलन करना उचित नहीं होगा। इससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


मनोज जरांगे पाटील ने मराठा आरक्षण की विभिन्न मांगों को लेकर अंतरवाली सराटी में अनशन शुरू किया है। सरकार की ओर से अपेक्षित निर्णय नहीं होने पर उन्होंने 15 सितंबर से मुंबई की ओर कूच करने और 19 सितंबर से आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने की घोषणा की है। हालांकि, मुंबई पुलिस ने आजाद मैदान में उनके आंदोलन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
फडणवीस ने कहा कि सरकार ने जरांगे की अधिकांश मांगों पर काम किया है, जबकि कुछ मांगें न्यायिक और संवैधानिक प्रक्रिया से जुड़ी हैं। सरकार संविधान और कानून के दायरे में रहकर ही कोई निर्णय ले सकती है। उन्होंने कहा कि मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सरकार बातचीत और समाधान के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे समय में बड़े आंदोलन के कारण यातायात, सुरक्षा और आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। इसलिए जरांगे पाटील को अपने मुंबई आंदोलन के फैसले पर एक बार फिर विचार करना चाहिए।
दूसरी ओर, जरांगे पाटील ने पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद मुंबई जाने का अपना निर्णय कायम रखा है। उन्होंने कहा है कि फिलहाल वह अकेले मुंबई की ओर जाएंगे और उचित समय पर समाज के लोगों को आंदोलन में शामिल होने के लिए बुलाएंगे।
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सरकार और जरांगे पाटील के बीच टकराव की स्थिति ऐसे समय में बढ़ रही है, जब महाराष्ट्र में गणेशोत्सव शुरू हो चुका है। ऐसे में आने वाले दिनों में जरांगे के मुंबई मार्च और सरकार की भूमिका पर सभी की नजरें रहेंगी।


