मुंबई वार्ता संवाददाता

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटील ने मुंबई पुलिस द्वारा उनके प्रस्तावित आंदोलन को अनुमति देने से इनकार किए जाने के बाद अपना प्लान बदल दिया है। जरांगे ने सोमवार को घोषणा की कि अब वह बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ मुंबई आने के बजाय अकेले मुंबई आएंगे और आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे।


जरांगे ने पहले 15 सितंबर को अंतरवाली सराटी से मुंबई की ओर मार्च शुरू करने और 19 सितंबर से आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने की घोषणा की थी। हालांकि, मुंबई पुलिस ने उनके आंदोलन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, यातायात और बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने की आशंका समेत कई कारणों का हवाला दिया है।
पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बाद जरांगे ने कहा कि “सब नहीं, मैं अकेला मुंबई आ रहा हूं। अब देखते हैं सरकार और पुलिस मुझे कैसे रोकती है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि मराठा आरक्षण की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।
मुंबई पुलिस ने छह पन्नों के आदेश में सार्वजनिक सभा, प्रदर्शन और जुलूस से जुड़े नियमों के संभावित उल्लंघन का भी उल्लेख किया है। पुलिस के मुताबिक गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है और ऐसे समय में बड़े आंदोलन से कानून-व्यवस्था तथा यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
जरांगे ने पुलिस के फैसले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन को रोकने की कोशिश कर रही है और उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। जरांगे ने यहां तक दावा किया कि मुंबई मार्च के दौरान उन्हें गोली मारने की साजिश हो सकती है। हालांकि, ये जरांगे के आरोप हैं और इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
जरांगे ने कहा कि वह किसी भी दबाव के आगे पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि मराठा समाज की आरक्षण संबंधी मांगों को लेकर सरकार को ठोस निर्णय लेना होगा। वहीं, मुंबई पुलिस और प्रशासन के सामने गणेशोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा बनाए रखने की बड़ी चुनौती है।


