श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई पुलिस की गुन्हे शाखा (क्राइम ब्रांच) कक्ष-6 ने नशे की गोलियों की अवैध बिक्री करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने जाल बिछाकर दो आरोपियों साजिद (50 ) और तौसिफ (44)


■ पनवेल-सायन हाईवे पर बिछाया गया जाल
09 सितंबर 2026 को क्राइम ब्रांच कक्ष-6 को एक गुप्त सूचना (गुप्तनीय माहिती) मिली थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पनवेल-सायन हाईवे के दक्षिण वाहिनी सर्विस रोड पर, ट्रॉम्बे ट्रैफिक कार्यालय के पीछे, ट्रॉम्बे, मुंबई में घेराबंदी कर दो संदिग्धों को पकड़ा।


तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से बेकायदेशीर रूप से बिक्री के उद्देश्य से रखी गई 21,000 नाइट्राज़ेपाम (Button) गोलियां बरामद हुईं, जिनका कुल वजन 12.81 किलोग्राम है।
■ नशीली दवाइयों की बिक्री में थे लिप्त
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी नशे के लिए इन गोलियों को ग्राहकों को बेचने का काम कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों पर पहले से भी NDPS एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं।
इस मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ एन.डी.पी.एस. (NDPS) कानून 1985 की धारा 8(क), 22(क) और 29 के तहत नया अपराध दर्ज किया गया है।
■ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई बृहन्मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उप आयुक्त (प्रकटीकरण-1) नवनाथ ढवले, और सहायक पुलिस आयुक्त (डी पूर्व) धर्मपाल बनसोडे के मार्गदर्शन में अंजाम दी गई।
कार्रवाई को सफल बनाने में कक्ष-6 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक भरत घोणे, पो.नि. सुशांत सावंत, म.स.पो.नि. चौधरी, म.पोउपनि माशेरे, पोउपनि देसाई, पो.ह. वानखेडे, पो.ह. खेडकर, पो.ह. भालेराव, पो.शि. पांचाळ, पो.शि. शेख, पो.शि. बोढारे, पो.शि. ससाणे, म.पो.शि. खुटवड, तथा पो.ह.चा. मगर की टीम का मुख्य योगदान रहा।


