“ज़ीरो ब्यूरोक्रेसी” की ओर बढ़े महाराष्ट्र: देवेन्द्र फडणवीस का प्रशासनिक सुधारों पर जोर

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श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता


मुंबई में आयोजित सिविल सेवा दिवस 2026 के कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने शासन प्रणाली में बड़े बदलाव का आह्वान करते हुए “ज़ीरो ब्यूरोक्रेसी” की अवधारणा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों को स्टार्टअप की तरह तेज, कुशल और परिणाम-आधारित तरीके से काम करना चाहिए।


मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “ज़ीरो ब्यूरोक्रेसी” का मतलब अधिकारियों की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और तेज बनाना है। उन्होंने कहा कि सेवाएं नियम-आधारित सिस्टम के जरिए सीधे पात्र नागरिकों तक पहुंचनी चाहिए, जिससे मानवीय हस्तक्षेप और विवेकाधिकार कम हो।


कार्यक्रम के दौरान “राजीव गांधी प्रशासनिक गतिशीलता (PRAGATI) अभियान 2025-26” के तहत पुरस्कार भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के 100 दिन और 150 दिन के कार्यक्रमों के लगभग 85 प्रतिशत लक्ष्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं। इसमें डिजिटल सुधार और ई-गवर्नेंस की अहम भूमिका रही है, जिससे प्रक्रियाएं आसान हुई हैं और कारोबार करने में सुविधा बढ़ी है।


उन्होंने निजी क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि हर सरकारी विभाग को एक स्वतंत्र स्टार्टअप की तरह काम करना चाहिए, जहां नवाचार, दक्षता और मापने योग्य परिणामों पर ध्यान दिया जाए। इससे प्रशासनिक सुधारों में तेजी आएगी और सेवा वितरण बेहतर होगा।


सरकार नागरिक सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए “आपले सरकार 2.0” प्लेटफॉर्म पर भी काम कर रही है, जिससे सेवाएं अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनेंगी।


दीर्घकालिक दृष्टि पर बात करते हुए फडणवीस ने “विकसित महाराष्ट्र 2047” योजना का उल्लेख किया, जिसमें 2029, 2035 और 2047 के लिए लक्ष्य तय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर

प्रतिस्पर्धा कर रही है और दुनिया की शीर्ष 30 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
इस मौके पर मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि शासन को सरल बनाने के लिए पुराने कानूनों को खत्म किया जा रहा है, आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं और विकेंद्रीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समयबद्ध कार्यक्रमों की लगातार निगरानी की जा रही है और विभागों को 2047 के विजन के अनुरूप लक्ष्य दिए गए हैं।


कार्यक्रम में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में नवाचार, तकनीक आधारित शासन और जनसेवा सुधारों के लिए कई पहल को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास प्रशासनिक व्यवस्था के भीतर नवाचार की ताकत को दर्शाते हैं और बेहतर शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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