मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) का प्रश्नपत्र ठाणे में लीक होने की घटना पर पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मामले की गहन जांच कर पेपर लीक रैकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचने और सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।


वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि महाराष्ट्र में लगातार पेपर लीक की घटनाओं से राज्य की छवि धूमिल हो रही है। लाखों छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं, आर्थिक और मानसिक संघर्ष झेलते हैं, लेकिन कुछ लोगों की साजिश के कारण उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल पेपर लीक नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों और उनके भविष्य के साथ विश्वासघात है।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों पर कपड़ों से लेकर जूतों तक के सख्त नियम लागू किए जाते हैं, लेकिन सरकार एक भी परीक्षा बिना पेपर लीक के संपन्न नहीं करा पा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले भी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और नीट परीक्षा में पेपर लीक के तार महाराष्ट्र से जुड़े थे, तो सरकार ने प्रभावी रोकथाम के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए।
सांसद ने यह भी पूछा कि टीईटी का प्रश्नपत्र आखिर लीक कैसे हुआ, इसके पीछे कौन लोग हैं और क्या उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद सरकार की जवाबदेही तय नहीं हो रही है।
वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि सरकार जनप्रतिनिधियों को तोड़ने में व्यस्त है, जबकि किसानों, युवाओं और विद्यार्थियों की समस्याओं पर उसका कोई ध्यान नहीं है।
उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में कोई भी पेपर लीक करने की हिम्मत न कर सके।


