मुंबई वार्ता संवाददाता

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की पहल पर शुरू किए गए राष्ट्रीय अभियान ‘छात्रों की गूंज – शिक्षा बचाओ, देश बचाओ’ का विस्तार अब मुंबई तक किया जा रहा है। इस अभियान का उत्तर-पश्चिम मुंबई में औपचारिक शुभारंभ 27 जून से किया जाएगा।


मुंबई उत्तर-पश्चिम जिला कांग्रेस, एनएसयूआई और इंडियन यूथ कांग्रेस के संयुक्त प्रयास से चलाए जाने वाले इस अभियान का उद्देश्य छात्रों के सामने मौजूद प्रमुख समस्याओं जैसे पेपर लीक, शिक्षा माफिया, बढ़ती शिक्षा लागत, बेरोजगारी, मानसिक तनाव और अवसरों की कमी को प्रमुखता से उठाना है।


आयोजकों के अनुसार, आने वाले दिनों में कार्यकर्ता क्षेत्र के विभिन्न कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और छात्र समूहों तक पहुंचकर छात्रों से संवाद करेंगे। अभियान के तहत कॉलेज परिसरों में छात्र बैठकें, जनसंपर्क कार्यक्रम, जागरूकता अभियान और डिजिटल संवाद आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्रों की समस्याओं और सुझावों को व्यापक स्तर पर सामने लाया जा सके।
अभियान से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि आज का छात्र केवल परीक्षा की तैयारी नहीं कर रहा, बल्कि पेपर लीक, महंगी शिक्षा, कोचिंग माफिया, असमान अवसरों और अनिश्चित भविष्य जैसी चुनौतियों का भी सामना कर रहा है। करोड़ों परिवार अपने बच्चों की शिक्षा पर बड़ी राशि खर्च कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पारदर्शी और भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था नहीं मिल पा रही है।
मुंबई उत्तर-पश्चिम जिला कांग्रेस की अध्यक्ष भावना शर्मा जैन ने कहा कि यह अभियान छात्रों के भविष्य, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई को मजबूत मंच प्रदान करेगा। उन्होंने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और युवाओं से इस मुहिम में शामिल होकर शिक्षा व्यवस्था को अधिक न्यायपूर्ण, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित बनाने में सहयोग देने की अपील की।
अभियान का प्रमुख संदेश है— “सिस्टम से हमें नहीं हारना है”। आयोजकों का मानना है कि शिक्षा बोझ नहीं, बल्कि अवसर और सपनों को साकार करने का माध्यम होनी चाहिए।


