ठाणे में फ्लेमिंगो के प्राकृतिक आवास वाली 143 एकड़ जमीन को लेकर विवाद, रोहिणी खडसे ने विकास के नाम पर जमीन देने की साजिश का लगाया आरोप।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

ठाणे खाड़ी फ्लेमिंगो अभयारण्य में मैंग्रोव (कांदळवन) और प्रवासी फ्लेमिंगो पक्षियों के प्राकृतिक आवास से जुड़ी 143 एकड़ जमीन को पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र से बाहर करने के प्रस्ताव को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की महिला प्रदेश अध्यक्ष रोहिणी खडसे ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस जमीन को विकास परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस प्रस्ताव के पीछे की मंशा स्पष्ट की जाए और बताया जाए कि आखिर किसके फायदे के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

रोहिणी खडसे ने इस मुद्दे पर एक समाचार साझा करते हुए कहा कि एक ओर भीमाशंकर के जंगलों को लेकर विवाद अभी ताजा है, वहीं दूसरी ओर ठाणे खाड़ी फ्लेमिंगो अभयारण्य की 143 एकड़ जमीन को पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र से बाहर करने का प्रस्ताव सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह केवल जमीन का मामला नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है।

■ फ्लेमिंगो के प्राकृतिक आवास पर खतरे की आशंका

रोहिणी खडसे ने कहा कि फ्लेमिंगो पक्षियों को देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं। महाराष्ट्र में इन खूबसूरत प्रवासी पक्षियों के प्राकृतिक आवास वाले महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ठाणे खाड़ी भी शामिल है। ऐसे में यदि विकास के नाम पर उनके प्राकृतिक आवास को निर्माण गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराया जाता है, तो इससे पर्यावरण और जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।उन्होंने आरोप लगाया कि यदि बिल्डरों के फायदे के लिए ऐसे पर्यावरणीय रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को विकास के लिए खुला छोड़ दिया गया, तो आने वाली पीढ़ियों को प्राकृतिक हरियाली और जैव विविधता के बजाय कंक्रीट के जंगलों और धूल का सामना करना पड़ेगा।

■ संवेदनशील क्षेत्र का दायरा कम करने पर उठाए सवाल

खडसे ने सवाल किया कि पर्यावरण को बचाने के बजाय पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों का दायरा कम करने के प्रस्ताव क्यों लाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में तत्काल स्पष्टीकरण देना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि 143 एकड़ जमीन को संवेदनशील क्षेत्र से बाहर करने की आवश्यकता क्यों महसूस की जा रही है।

उन्होंने कहा, “नेमकं कोण कुणाच्या फायद्यासाठी कोण काम करत आहे हे समोर आले पाहिजे।” यानी वास्तव में कौन किसके फायदे के लिए काम कर रहा है, यह सामने आना चाहिए।प्रस्ताव पर निर्णय नहीं लेने की मांगरोहिणी खडसे ने सरकार से मांग की कि ठाणे खाड़ी फ्लेमिंगो अभयारण्य से संबंधित 143 एकड़ जमीन को पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र से बाहर करने का कोई निर्णय नहीं लिया जाए।

उन्होंने इस क्षेत्र के पर्यावरणीय महत्व को ध्यान में रखते हुए इसके संरक्षण पर जोर दिया।यह मामला पर्यावरण संरक्षण और विकास परियोजनाओं के बीच संतुलन को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है। हालांकि, जमीन को संवेदनशील क्षेत्र से बाहर करने के प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति और उससे संबंधित आधिकारिक निर्णय की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।

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