भिवंडी सामूहिक दुष्कर्म मामला: एक महीने बाद भी पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र पवार और बर्खास्त पुलिसकर्मी का सुराग नहीं, तलाश में छह टीमें गठित।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में 22 वर्षीय विवाहित महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र पवार और बर्खास्त पुलिसकर्मी शैलेश पाटिल एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। दोनों आरोपियों का पता लगाने के लिए ठाणे ग्रामीण पुलिस ने छह विशेष टीमें गठित की हैं। पुलिस संदिग्ध ठिकानों के साथ प्रमुख रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर भी तलाश कर रही है, लेकिन अब तक दोनों का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।

■ 13 सितंबर की घटना, 17 सितंबर को दर्ज हुई प्राथमिकी

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़ित महिला अपने वैवाहिक विवाद को सुलझाने में मदद चाहती थी। आरोप है कि कल्याण पश्चिम के पूर्व विधायक नरेंद्र पवार ने उसे मामले में मध्यस्थता करने का आश्वासन दिया। इसके बाद 13 सितंबर 2026 को महिला को भिवंडी तालुका के बापगांव स्थित एक फार्महाउस पर ले जाया गया।महिला ने आरोप लगाया कि वहां उसे हथियार दिखाकर धमकाया गया, शराब पीने के लिए मजबूर किया गया और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया। शिकायत के अनुसार, पाटिल ने भी महिला के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर 17 सितंबर को भिवंडी के पडघा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी अदालत में नहीं हुई है।

■ छह पुलिस टीमों की तलाश, फार्महाउस का सीसीटीवी रिकॉर्ड भी गायब

पुलिस ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की है। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर भी उनकी तलाश की जा रही है, ताकि उनके राज्य या देश से बाहर जाने की आशंका की जांच की जा सके।जांच के दौरान फार्महाउस में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) गायब होने की बात भी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि घटना से जुड़े साक्ष्य हटाए गए हो सकते हैं। फार्महाउस का देखभाल करने वाला व्यक्ति भी कथित तौर पर लापता है। पुलिस इन पहलुओं की जांच कर रही है।

■ नरेंद्र पवार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

इस मामले में नरेंद्र पवार ने भिवंडी की अतिरिक्त सत्र अदालत में गिरफ्तारी से पहले जमानत देने की मांग की थी। अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष ने दलील दी थी कि जांच के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। पुलिस को कथित घटना से संबंधित हथियार, वाहन, मोबाइल फोन और फार्महाउस के सीसीटीवी रिकॉर्ड सहित महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद करने हैं।

■ आरोपों से इनकार कर चुके हैं पूर्व विधायक

मामला दर्ज होने के बाद नरेंद्र पवार ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए भारतीय जनता पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की थी।इस बीच, कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में कांग्रेस की पार्षद कंचन कुलकर्णी ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। बताया जाता है कि पीड़ित महिला ने सबसे पहले उनसे संपर्क किया था और कथित घटना से संबंधित कुछ संदेश तथा वीडियो साझा किए थे।

■ पुलिस का कहना है, तलाश जारी

पडघा पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक पंकज गिरी के अनुसार, दोनों आरोपियों का पता लगाने के लिए छह विशेष टीमें काम कर रही हैं। जांच उपविभागीय पुलिस अधिकारी राहुल झाल्टे की निगरानी में चल रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।फिलहाल, इस मामले में सबसे अहम सवाल दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी और कथित घटना से जुड़े साक्ष्यों की बरामदगी का है। पुलिस जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।

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