मुंबई वार्ता/कृष्ण गोपाल सिंह

भिवंडी में एक विवाहिता को दहेज के लिए लंबे समय तक प्रताड़ित करने और फिर मोबाइल पर तीन तलाक देने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।


भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, 30 वर्षीय महिला की शादी 12 अगस्त 2014 को गौरीपाड़ा स्थित मुमताज मंजिल में रहने वाले इस्तियाक अंसारी से हुई थी। आरोप है कि शादी के महज एक महीने बाद ही पति इस्तियाक अंसारी, सास जुबैदा अंसारी, ससुर मोहम्मद इलियास अंसारी और दो देवर अफाक अंसारी व मुश्ताक अंसारी ने मायके से दहेज लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।दहेज लाने से इनकार करने पर महिला को मामूली घरेलू विवादों के बहाने गाली-गलौच, मारपीट और लगातार शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। पीड़िता का आरोप है कि यह उत्पीड़न करीब 11 वर्षों तक चलता रहा।
महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि 17 जनवरी 2026 को उसके पति ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए उसे तीन बार तलाक कह दिया और बाद में घर से निकाल दिया। सरकार द्वारा प्रतिबंधित होने के बावजूद दिए गए तीन तलाक और वर्षों की प्रताड़ना से टूट चुकी महिला ने आखिरकार पुलिस का रुख किया।पीड़िता की शिकायत पर भोईवाड़ा पुलिस ने सीआर नंबर 61/2026 के तहत पति, सास, ससुर और दो देवरों के खिलाफ बीएनएस की धारा 85, 115(2), 352, 3(5) तथा मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 की धारा 3 और 4 के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने इस मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


