दुर्घटना पीड़ितों को एक लाख रुपये तक कैशलेस इलाज:–सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर।

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■ अस्पतालों की जानकारी, बेड की उपलब्धता और शिकायत दर्ज करने के लिए स्वतंत्र मोबाइल ऐप विकसित करने का निर्णय.

मुंबई वार्ता संवाददाता

मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण और कैशलेस इलाज मिल सके, इसके लिए अस्पतालों, सोसायटी अधिकारियों और कार्यान्वयन एजेंसियों को सतर्क रहना होगा। इस प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दुर्घटना में घायल मरीजों को एक लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज संबद्ध और अन्य आपातकालीन अस्पतालों से उपलब्ध कराने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग को कार्यवाही करने के निर्देश सार्वजनिक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर ने दिए हैं।

आबिटकर ने मुंबई के वर्ली स्थित राज्य आरोग्य हमी सोसायटी मुख्यालय में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना की प्रगति की समीक्षा की।

इस बैठक में आयुष्मान भारत मिशन महाराष्ट्र समिति के अध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश शेटे, राज्य आरोग्य हमी सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अण्णासाहेब चव्हाण, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. दयानंद जगताप, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के सहसचिव अशोक आत्राम, सहायक संचालक डॉ. रविंद्र शेटे और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान मंत्री आबिटकर ने योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इनमें संबद्ध अस्पतालों की संख्या को 1792 से बढ़ाकर 4180 करने का निर्णय शामिल था। यह चयन प्रक्रिया जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता में पारदर्शी रूप से की जाएगी।योजना में इलाज की संख्या बढ़ाने, दरों में सुधार करने, अंग प्रत्यारोपण जैसे महंगे इलाज को शामिल करने, और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी योजना में जोड़ने के लिए एक अध्ययन समिति गठित की गई है, जिसे एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। आम जनता को योजना से जुड़े अस्पतालों की जानकारी, बेड की उपलब्धता और शिकायत दर्ज करने के लिए एक स्वतंत्र मोबाइल ऐप विकसित करने का निर्णय भी लिया गया है।

मंत्री आबिटकर ने निर्देश दिया कि प्रत्येक संबद्ध अस्पताल को हर महीने कम से कम एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन करना चाहिए, जिसमें कम से कम पाँच मरीजों का कैशलेस इलाज किया जाए। इन शिविरों में जनप्रतिनिधियों को शामिल कर पूर्व-प्रचार भी किया जाए।योजना के बेहतर कार्यान्वयन के लिए जिलास्तर पर पालकमंत्रियों की अध्यक्षता में समितियों का गठन कर शीघ्र बैठकें आयोजित की जाएं। साथ ही, आयुष्मान कार्ड वितरण अभियान को गति देने के लिए आशा वर्कर, आंगनवाड़ी सेविका, राशन दुकानदार और नागरिक सेवा केंद्रों के माध्यम से वितरण की योजना बनाई गई है। इस कार्य के लिए उनके मानधन में वृद्धि करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

मंत्री ने बताया कि मार्च माह से अब तक लगभग 1300 करोड़ रुपये की राशि अस्पतालों को वितरित की गई है और भविष्य में भी आवश्यकतानुसार निधि दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता के साथ होना चाहिए और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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