मुंबई वार्ता संवाददाता

अहिल्यानगर जिले के कांग्रेस जिला अध्यक्ष सचिन गुजर का अपहरण कर उनकी बेरहमी से पिटाई की गई यह घटना अत्यंत गंभीर और घोर निंदनीय है। संविधान दिवस के दिन भाजपा ने सुबह-सुबह लोकतंत्र का गला घोंट दिया है। जिस 26/11 के दिन पाकिस्तानी आतंकवादियों ने भारत पर हमला किया था, उसी दिन का ‘मुहूर्त’ साधकर अहिल्यानगर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के चहेतों ने लोकतंत्र की हत्या की है। चुनाव के बीच एक राष्ट्रीय पार्टी के जिला अध्यक्ष का अपहरण और मारपीट — कांग्रेस इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी, ऐसा कड़ा इशारा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दिया है।


भाजपा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल आगे बोले कि नगर जिले में हुई यह घटना न सिर्फ निंदनीय और गंभीर है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है कि क्या महाराष्ट्र में लोकतंत्र अस्तित्व में बचा भी है या नहीं? भाजपा सरकार ने अपने कारनामों का खुला प्रदर्शन शुरू कर दिया है। नगर में यह पहली घटना नहीं है। नगरपालिका चुनाव लड़ना चाहने वाले कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं को पहले रात में गिरफ्तार कर कस्टडी में डाला गया, उनकी पिटाई की गई। इसके बाद पुलिस ने उन्हीं की गाड़ी में बैठाकर उन्हें भाजपा के पूर्व सांसद सुजय विखे पाटील और मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील के पास ले जाकर दबाव डाला — पूरा घटनाक्रम किसी फिल्म जैसा है।


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का शासन औरंगज़ेब जैसा है, और उनकी कार्यशैली नाथूराम गोडसे जैसी ठंडे दिमाग से हत्या करने वाली। हमने उन्हें ‘दरिंदा’ कहा तो उन्हें और उनके समर्थकों को बहुत चोट पहुँची, लेकिन हम जो बोले वह सच था — इसे अहिल्यानगर की घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है।
भाजपा को न लोकतंत्र मंजूर है, न संविधान — उन्होंने ‘ठोकशाही’ शुरू कर दी है। विपक्ष चुनाव लड़े भी या नहीं, यह सवाल अब उठने लगा है। देवेंद्र फडणवीस अपने गुंड समर्थकों को काबू में रखें — सत्ता का घमंड टूटते देर नहीं लगती, ऐसा भी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।


