मुंबई वार्ता संवाददाता

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का शासन औरंगज़ेब और नथूराम की तरह ठंडे दिमाग से साज़िशें रचने वाला है। फडणवीस न सिर्फ दरिंदे (क्रूर) हैं, बल्कि अब वे लोकतंत्र, मानवता, संस्कृति और भारत के संविधान को फाँसी दे रहे हैं। देवेंद्र फडणवीस लोकतंत्र और महाराष्ट्र धर्म को फाँसी पर लटकाने वाले जल्लाद हैं, ऐसा तीखा प्रहार महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया है।


अहिल्यानगर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सचिन गुजर का भाजपा के गुंडों ने अपहरण कर हमला किया और उन्हें जान से मारने की कोशिश की। इसके विरोध में कांग्रेस पार्टी ने पूरे दिन धरना दिया। प्रदेशाध्यक्ष सपकाल तुरंत श्रीरामपुर पहुँचे और स्थानीय विधायक हेमंत ओगले के साथ जिला पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। इस दौरान श्रीरामपुर के विधायक हेमंत ओगले और नगराध्यक्ष पद के उम्मीदवार करण ससाणे उपस्थित थे।


हर्षवर्धन सपकाल ने सवाल उठाया कि पुलिस किसके दबाव में काम कर रही है? स्थानीय गुंडों को पुलिस किसके आशीर्वाद से संरक्षण दे रही है? ऐसा सवाल करते हुए उन्होंने पुलिस और गुंडों को संरक्षण देने वाली ताकतों को कड़ी चेतावनी दी, उन्होंने कहा कि दमनकारी कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सपकाल ने दिनभर धरने पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संवाद किया।
अंत में संविधान की प्रस्तावना का वाचन कर संविधान की रक्षा की शपथ ली गई।इस अवसर पर पूर्व सभापति बाबासाहेब दिघे, कृषि उत्पन्न बाजार समिति के सभापति सुधीर नवले, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष ज्ञानेश्वर मुरकुटे, पंचायत समिति की पूर्व सभापति वंदनाताई मुरकुटे तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।



बहुत ही कड़ी आलोचना