मुंबई वार्ता संवाददाता

जौनपुर कलेक्ट्रेट में बुधवार को जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. और पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक संचालित होने वाले ‘जन सुविधा केंद्र’ का शुभारंभ किया। प्रशासन का दावा है कि इस केंद्र के माध्यम से आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण किया जाएगा।


प्रशासन के अनुसार, शिकायत दर्ज होते ही संबंधित लेखपाल और कानूनगो को व्हाट्सएप के जरिए सूचना भेजी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी सुनवाई होगी। कर्मचारियों की रोस्टरवार तैनाती की गई है, जबकि पुलिस बल भी दो शिफ्टों में मौजूद रहेगा। जिलाधिकारी ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए उनका रिकॉर्ड तैयार करने की बात कही।


हालांकि, इस नई व्यवस्था को लेकर कुछ लोगों ने इसकी प्रभावशीलता पर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले भी जनसुनवाई पोर्टल, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, पीएमओ शिकायत पोर्टल और थाना-तहसील समाधान दिवस जैसी कई व्यवस्थाएं शुरू की गईं, लेकिन कई मामलों में शिकायतों के वास्तविक समाधान के बजाय केवल कागजी निस्तारण होने के आरोप लगते रहे हैं।
आलोचकों का यह भी कहना है कि यदि शिकायतों की जांच उन्हीं अधिकारियों से कराई जाती है जिन पर आरोप लगे हैं, तो निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कमजोर हो जाती है। उनका सुझाव है कि गंभीर मामलों में दूसरे जिले के अधिकारियों से जांच कराई जाए, पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग हो और शिकायतों की सार्वजनिक ट्रैकिंग की व्यवस्था बनाई जाए, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
फिलहाल, जन सुविधा केंद्र से लोगों को कितनी राहत मिलती है और शिकायतों का वास्तविक समाधान किस स्तर तक हो पाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।


