मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए उत्तराखंड के देहरादून से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मुंबई के मानखुर्द पुलिस थाने में दर्ज एक महिला की शिकायत के बाद की गई।


पुलिस के अनुसार, मुंबई निवासी एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जनवरी और फरवरी 2026 के दौरान कुछ लोगों ने खुद को निजी एयरलाइन कंपनी का भर्ती प्रतिनिधि बताकर उससे संपर्क किया। आरोपियों ने उसे निजी एयरलाइन में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और भर्ती प्रक्रिया, प्रोसेसिंग तथा अन्य शुल्क के नाम पर करीब 2.5 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवा लिए।
रकम जमा कराने के बाद न तो महिला को नौकरी मिली और न ही आरोपियों ने उससे कोई संपर्क किया। ठगी का एहसास होने पर पीड़िता ने मानखुर्द पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान ठगी के तार उत्तराखंड के देहरादून स्थित एक फर्जी कॉल सेंटर से जुड़े मिले। इसके बाद मुंबई पुलिस की टीम ने देहरादून में छापेमारी कर पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया।
छापे के दौरान पुलिस ने मौके से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया। साथ ही 9 लैपटॉप, 13 मोबाइल फोन और ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व दस्तावेज भी जब्त किए गए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी निजी एयरलाइनों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से प्रोसेसिंग फीस और भर्ती शुल्क के नाम पर रकम वसूलते थे। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने इसी तरीके से कई अन्य नौकरी तलाशने वालों को भी अपना शिकार बनाया है।
फिलहाल पुलिस जब्त किए गए लैपटॉप, मोबाइल फोन और बैंक लेन-देन की जांच कर रही है, ताकि अन्य पीड़ितों की पहचान की जा सके और इस ठगी के नेटवर्क की पूरी जानकारी सामने लाई जा सके। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा ठगी से वसूली गई रकम कहां-कहां भेजी गई।
मुंबई पुलिस ने नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं से अपील की है कि किसी भी निजी कंपनी या एयरलाइन में नौकरी के नाम पर अग्रिम शुल्क जमा करने से पहले संस्था की प्रामाणिकता की पूरी जांच करें और संदिग्ध कॉल, वेबसाइट या एजेंसियों से सतर्क रहें।


