मुंबई वार्ता संवाददाता

नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एनएमआईए) पर शुक्रवार को ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े ऐप-आधारित कैब चालकों की हड़ताल के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। चालक संगठनों ने आरोप लगाया कि मौजूदा किराया संरचना बढ़ती परिचालन लागत के मुकाबले पर्याप्त नहीं है, जिसके चलते उन्होंने एयरपोर्ट से पिक-अप सेवाएं बंद कर दीं।


महाराष्ट्र राज्य राष्ट्रीय कामगार संघ के ऐप-आधारित परिवहन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मोहम्मद रिजवान शेख ने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों, टोल शुल्क और वाहनों के रखरखाव के खर्च के कारण चालकों की आय लगातार घट रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक किराए की गणना दूरी और यात्रा अवधि के आधार पर अधिक न्यायसंगत तरीके से नहीं की जाती, तब तक एनएमआईए से ऐप-आधारित कैब सेवाएं प्रभावित रहेंगी।
चालकों की प्रमुख मांगों में वाहन की श्रेणी के अनुसार न्यूनतम 28 से 35 रुपये प्रति किलोमीटर किराया तय करना शामिल है। इसके अलावा, एयरपोर्ट पर लागू टोकन आधारित पिक-अप प्रणाली को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई। चालकों का कहना है कि उन्हें सवारी की मंजिल और किराए की जानकारी पहले से नहीं दी जाती, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है।
हड़ताल का असर पूरे दिन दिखाई दिया और ओला, उबर तथा रैपिडो के निर्धारित पिक-अप जोन लगभग खाली रहे। शाम करीब सात बजे चालक प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद सेवाएं धीरे-धीरे बहाल होने लगीं। चालकों का दावा है कि किराया संशोधन पर विचार किए जाने का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने काम पर लौटने का फैसला किया।
इस बीच, हवाई अड्डे से मुंबई महानगर क्षेत्र के दूरदराज इलाकों में जाने वाले यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा और कई लोगों ने वैकल्पिक परिवहन सेवाओं द्वारा अधिक किराया वसूलने की शिकायत की।
अंधेरी पूर्व जाने वाले यात्री सुरेंद्र माने ने बताया कि ऐप-आधारित कैब उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन 3,200 रुपये देकर प्रीपेड टैक्सी करनी पड़ी। उन्होंने कहा, “आसपास कोई कैब दिखाई नहीं दे रही थी, इसलिए मेरे पास प्रीपेड टैक्सी लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।”


