■ सीएम,एमएमआरडीए आयुक्त से भाजपा विधायक महेश चौघुले ने ज्ञापन सौंप कर किया मांग
मुंबई वार्ता संवाददाता

भिवंडी से विधायक महेश चौघुले ने ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो-5 परियोजना के तहत भिवंडी शहर में मेट्रो निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण मांग की है।उन्होंने एमएमआरडीए आयुक्त संजय मुखर्जी से मुलाकात कर दूसरे चरण में प्रस्तावित भूमिगत मार्ग (अंडरग्राउंड रूट) को बेहद महंगा और समय लेने वाला बताया है।साथ ही नागपुर की तर्ज पर इस रूट पर मेट्रो एलिवेटेड रूट (उन्नत मार्ग) व डबल डेकर प्लेओवर बनाने की मांग की है।


महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री व एमएमआरडीए आयुक्त संजय मुखर्जी से मुलाकात कर दिए ज्ञापन में उन्होंने बताया है कि ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो-5 परियोजना ठाणे से धामनकर नाका तक लगभग पूरी हो चुकी है।जबकि शहर में मेट्रो लाइन का 3 किमी हिस्सा भूमिगत रूप में प्रस्तावित है।
उन्होंने बताया है कि भिवंडी शहर एक ऐसा शहर है जो अक्सर बाढ़ से ग्रस्त रहता है। ऐसी स्थिति में भूमिगत मेट्रो लाइन खोदना नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ पूरे प्रोजेक्ट की रखरखाव प्रणाली के लिए एक बड़ी समस्या पैदा कर सकता है। इसलिए शहर में मेट्रो लाइन को ऊंचा रखा जाना चाहिए।साथ ही डबल डेकर पुल का निर्माण करने से परियोजना का कार्यान्वयन आसान, सुरक्षित होगा और भविष्य में रखरखाव की लागत भी नियंत्रित होगी। साथ ही, शहर की आबादी, यातायात और वर्षा की स्थिति को देखते हुए ऊंचा सड़क अधिक सुविधाजनक और लाभदायक होगा। इसके अलावा शहर के दो प्रमुख फ्लाईओवर स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे फ्लाईओवर और स्वर्गीय राजीव गांधी फ्लाईओवर बहुत ही खतरनाक स्थिति में हैं।वर्तमान में दोनों फ्लाईओवरों पर भारी वाहनों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।इस कारण शहर में यातायात को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने इन दोनों फ्लाईओवरों के पुनर्निर्माण की मांग की है।साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि जिस प्रकार नागपुर शहर में मेट्रो और फ्लाईओवर एक ही रूट पर एक साथ बनाए गए हैं, उसी प्रकार भिवंडी शहर में भी नया फ्लाईओवर बनाते समय उसी रूट पर मेट्रो बनाई जाए, ताकि इस परियोजना की बढ़ी हुई लागत, मेट्रो फेज-2 की लागत पर वाहनों के लिए मेट्रो ब्रिज और फ्लाईओवर या संयुक्त डबल डेकर फ्लाईओवर निर्माण किया जाय।ताकि शहर का तेजी से शहरीकरण हो सके और लोगों को राहत मिले और संयुक्त परियोजना से जगह का प्रभावी उपयोग हो सकेगा, लागत बचेगी और यातायात नियोजन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि इससे नागरिकों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी और यह शहर के लिए एक ऐतिहासिक बुनियादी ढांचा साबित होगा।एमएमआरडीए आयुक्त संजय मुखर्जी ने विधायक महेश चौघुले की मांगों का सकारात्मक संज्ञान लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रस्ताव पर गहन अध्ययन किया जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


