मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

केसर का नाम सुनते ही, हमें कश्मीर की वादियां याद आती है। क्योकि इन्ही ठंडे इलाके में ये केसर होता है और यही से पुरे देश-दुनिया में निर्यात किया जाता है। लेकिन हम आपको ये कहे की ये माइनस डिग्री में होने वाला केसर, महाराष्ट्र के नागपुर के 47 डिग्री तापमान के बीच हो रहा है। तो शायद आप आश्चर्य करे या हम पर यकीन न करें। लेकिन ये बिलकुल सही है। महाराष्ट्र के नागपुर में 47 डिग्री तापमान के बिच एक 80 स्क्वायर फ़ीट के बंद जगह में केसर उगाया जा रहा है। जो की देखने में भी मनमोहक है और इस केसर को उगाने वाले की भी मालामाल कर रहा है.
अक्षय और दिव्या होले, पिछले कई सालों से अपनी घर की छत पर केसर उगा रहे है। उन्होंने घर की छत के साथ-साथ अब शहर के बाहर ऐसी ही एक और जगह ली है। वहां पर भी ये इसी तरह केसर की खेती कर रहे है। नागपुर का तापमान बहुत अधिक होता है वही केसर एकदम ठंड वाली जगह पर होता है। ऐसे में साफ़ है कि इन्होने टेक्नोलॉजी का इत्तेमाल किया है।
अक्षय और दिव्या ने सबसे पहले कश्मीर में जाकर केसर की खेती सीखी और खुद पढ़े- लिखे होने की वजह से, इसमें टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया। जिसके बाद नागपुर में केसर के ये फूल जमकर फल दे रहे है।दिव्या होले जो पेशे से बैंकर थी ,वो भी अपने पति के साथ मिलकर बड़ी ही लगन के साथ केसर की खेती में जुटी है। आलम ये है कि इन्होने इस खेती के लिए अपनी बैंक की सरकारी नौकरी भी छोड़ दी है।
दिव्या ने बताया की उन्होने वर्ष 2024 मे लगभग 45 किलो केसर का प्रॉडक्शन हुआ है जिससे इन्हे ढाई करोड रुपये से ज्यादा की आमदनी हुई है।इन्होने इस केसर के बीज को कश्मीर से ही लाया था और एक बंद कमरे में तापमान के साथ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर केसर उगाया और अब खुद अपना एक ब्रांड बनाकर इससे करोड़ो रुपये कमा रहे है।
अक्षय और दिव्या अब इतने प्रचलित हो गए है कि लोग इनके पास केसर उगाने और पैसे कमाने का यह आईडिया जानने के लिए पहुंच रहे है ,जिस वजह से अब इन्होने अपने ब्रांड की फ्रेन्चाइसी देना भी शुरू कर दिया है . जिसके लिए 150 फ़ीट जगह की जरूरत होती है और इसमें 12 लाख रुपये से अधिक का निवेश है और 4 महीने में इससे 600 से 800 ग्राम केसर उगता है जो की बाजार में 6 लाख किलो तक आसानी से बिकता है।अक्षय होले ने बताया की भारत का केसर दुनिया में सबसे अच्छा केसर है जब की हमारा बीज ईरान देश ने भी ले जाकर वहां उगाया लेकिन हमारे जैसा तत्व उसमे नहीं पाया जाता ,इस वजह से ईरान का केसर 1 लाख रुपये किलो तक बाज़ारो में आसानी से मिलता है.


