मुंबई वार्ता संवाददाता

राज्य के औद्योगिक क्षेत्र को अधिक सुरक्षित, सक्षम और कौशल-आधारित बनाने के उद्देश्य से नागपुर में अत्याधुनिक बॉयलर (बाष्पके) प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। यह जानकारी राज्यमंत्री आशीष जयसवाल ने मंत्रालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान दी। उन्होंने अधिकारियों को कौशल विकास प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।


बैठक में बॉयलर संचालनालय को मजबूत बनाने, कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशिक्षण व्यवस्था के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई। संचालनालय द्वारा हर वर्ष बॉयलर निर्माता, उपयोगकर्ता, इंजीनियर और ऑपरेटरों के लिए सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके तहत तकनीकी मार्गदर्शन सत्र, सेमिनार और औद्योगिक सुरक्षा प्रशिक्षण भी दिए जाते हैं।
इसके अलावा, संचालनालय हर साल बॉयलर अटेंडेंट क्षमता प्रमाणपत्र परीक्षा और बॉयलर ऑपरेशन इंजीनियर दक्षता प्रमाणपत्र परीक्षा आयोजित करता है, जिससे उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार किया जाता है।
बैठक में नागपुर में सहसंचालक स्तर पर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इस केंद्र में प्रथम और द्वितीय श्रेणी बॉयलर अटेंडेंट के लिए रिफ्रेशर कोर्स, बॉयलर ऑपरेशन इंजीनियरों के लिए प्रशिक्षण, आईबीआर वेल्डर सर्टिफिकेशन कोर्स तथा इंसुलेशन और रिफ्रैक्टरी से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इससे विदर्भ सहित पूरे राज्य के युवाओं को रोजगारोन्मुख तकनीकी प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे।
राज्यमंत्री जयसवाल ने प्रस्तावित भवन के निर्माण की गुणवत्ता, डिजाइन और प्रशिक्षण सुविधाओं की विस्तृत जानकारी लेने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण के दौरान फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य करने और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि परियोजना की समयसीमा, चरणबद्ध क्रियान्वयन और प्रशिक्षण-प्रमाणन प्रक्रिया में गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
इस पहल पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी कहा कि प्रस्तावित अत्याधुनिक बॉयलर प्रशिक्षण केंद्र विदर्भ और राज्य के औद्योगिक व कौशल विकास क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुख कौशल उपलब्ध कराने के लिए इस परियोजना को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
राज्यमंत्री जयसवाल ने विश्वास जताया कि इस केंद्र के माध्यम से न केवल बॉयलर क्षेत्र में कौशल विकास को गति मिलेगी, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।


