■ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल का राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी चोकलिंगम को पत्र।
मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान का दूसरा चरण 30 जून से 29 जुलाई के बीच शुरू होने वाला है। इसी अवधि में आषाढ़ी वारी आयोजित होती है, जिसमें राज्य के लाखों वारकरी शामिल होते हैं और वे अपने गांवों से बाहर रहते हैं। ऐसी स्थिति में उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की आशंका है। इसे ध्यान में रखते हुए पंढरपुर वारी और अतिवृष्टि के दौरान SIR कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाए तथा इसे एक महीने आगे बढ़ाया जाए, ऐसी मांग कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी चोकलिंगम को पत्र लिखकर की है।


मुख्य निर्वाचन अधिकारी चोकलिंगम को भेजे गए पत्र में आगे कहा गया है कि निर्वाचन आयोग ने 14 मई 2026 को मतदाता सूची पुनरीक्षण SIR कार्यक्रम की घोषणा की थी। आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र में मैपिंग का काम लगभग 72 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। यह कार्य 19 जून 2026 तक जारी रहेगा तथा दूसरा चरण 30 जून से 29 जुलाई 2026 के बीच चलाया जाएगा। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे और मतदाताओं से उन्हें भरवाया जाएगा।
महाराष्ट्र में वारकरी संप्रदाय की बड़ी संख्या है और इसी अवधि में आषाढ़ी वारी भी होती है। पश्चिम महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के 20 से अधिक जिलों के वारकरी विभिन्न दिंडियों के माध्यम से पैदल पंढरपुर जाते हैं। उनके घर पर मौजूद न रहने के कारण उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।इसके साथ ही मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जुलाई महीने में मुंबई महानगर क्षेत्र, कोकण, पुणे और सातारा में अतिवृष्टि होने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए SIR कार्यक्रम को एक महीने के लिए आगे बढ़ाया जाए, ऐसी मांग पत्र में की गई है।


