मुंबई वार्ता संवाददाता

पेपर लीक मामले से आक्रोशित युवा न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं, लेकिन पुलिस का व्यवहार ‘सद्रक्षणाय खलनिग्रहणाय’ के अपने आदर्श वाक्य के बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रहा है। पुलिस गुंडागर्दी पर उतर आई है। छोटे-छोटे बच्चों पर भी बेरहमी से लाठीचार्ज किया जा रहा है, छात्राओं को भी नहीं बख्शा जा रहा। पुलिस बल प्रयोग के जरिए लोकतंत्र द्वारा दिए गए शांतिपूर्ण आंदोलन के अधिकार को कुचलने का प्रयास कर रही है। यह तुरंत बंद होना चाहिए। महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी पुलिस राज को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी, ऐसा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्य नसीम खान, विधायक भाई जगताप तथा अन्य कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते और मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती से मुलाकात कर आंदोलनरत छात्रों पर पुलिस द्वारा की जा रही दमनात्मक कार्रवाई तत्काल रोकने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि मीडिया कवरेज के दौरान पत्रकारों को रोकना, उनके साथ धक्का-मुक्की करना और उन्हें हिरासत में लेने जैसी घटनाओं पर भी तत्काल रोक लगाई जाए।


मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस अत्याचार के अनेक मामले सामने आए हैं। पुलिस को कानून के अनुसार अपना कर्तव्य निभाना चाहिए, सरकार के एजेंट की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए। जो कुछ भी हो रहा है, उसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में ड्रग्स का बड़ा रैकेट चल रहा है और आज सामने आए एक वीडियो से यह संदेह और गहरा हो गया है कि क्या यह सब पुलिस के संरक्षण में चल रहा है। आंदोलनरत छात्रों को ड्रग्स के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने वाले पुलिसकर्मी को तत्काल सेवा से बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाए तथा उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
इस पर पुलिस महानिदेशक और मुंबई पुलिस आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों को भी आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।पेपर लीक मामले को लेकर देशभर के युवाओं में भारी आक्रोश है और उनका गुस्सा पूरे देश में दिखाई दे रहा है। राहुल गांधी ने भी इस गंभीर मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए सबसे पहले ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू किया था। महाराष्ट्र में भी कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर लगातार सभी जिलों में आंदोलन कर रही है। इन सभी आंदोलनों का उद्देश्य केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तथा परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करना है। इस मुद्दे पर अनेक राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन आंदोलन कर रहे हैं।
सपकाल ने कहा कि महाविकास आघाड़ी की बैठक जल्द आयोजित होगी, जिसमें आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी।वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि दो घटनाओं से ऐसा प्रतीत होता है कि कुंभकर्ण की नींद खुल गई है। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे मामले पर ट्वीट किया है, लेकिन उनका बयान पूरी तरह भ्रामक और असत्य है। दूसरी ओर अन्ना हजारे भी अब जाग गए हैं। अब उन्हें दोबारा सोना नहीं चाहिए।इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस के महासचिव धनंजय शिंदे और एडवोकेट कल्याणी माणगावे भी शामिल थीं।


