श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

वर्ली के पांच सितारा सेंट रेगिस होटल में ट्रेड यूनियन की मान्यता और यूनियन के प्रभुत्व को लेकर उद्धव सेना- भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के आक्रामक होने से इलाके में तनाव पैदा हो गया। पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर हालात पर काबू पाया।


वहीं, इस मामले में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।पिछले कुछ दिनों से इस बात पर विवाद चल रहा है कि वर्ली के रेजिस होटल के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने का अधिकार किस संगठन को होना चाहिए ?
इसमें भारतीय कामगार सेना के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और बीजेपी के नेतृत्व वाले नेशनल यूनाइटेड वर्कर्स ऑर्गनाइजेशन द्वारा लगाए गए प्लेकार्ड को फाड़ दिया। इससे वहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ता आक्रामक हो गये। दोनों तरफ से जोरदार नारे लगे। देखते ही देखते मामला बद से बदतर हो गया।
भकासे पदाधिकारियों का आरोप है कि भाजपा ने अवैध तरीके से संघ बनाने की कोशिश की। बीजेपी से जुड़े संगठन ने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ता अपने आप हमारे पास आ रहे हैं क्योंकि उद्धव सेना श्रमिकों के मुद्दों पर लड़ने में विफल रही है।
“पिछले 10 से 15 वर्षों में हमारी मान्यता प्राप्त यूनियन के 700 से 800 कर्मचारी सदस्य हैं। हमारे संघ को न्यायालय द्वारा मान्यता प्राप्त है। बीजेपी ने इस संघ को बांटने की कई बार कोशिश की। उचित और कानूनी रूप से संघ बनाने के बजाय, उन्होंने प्रशासन का उपयोग करके आतंकित करने का प्रयास किया। अंततः अपनी ताकत दिखाते का समय लाते हुए उन्हें शिवसेना शैली में जवाब देना पड़ा।” निशिकांत शिंदे (संयुक्त सचिव, भारतीय श्रम बल) ने कहा।


