फ्लैट खरीद-फरोख्त में लाखों की हेराफेरी।

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● साकीनाका निवासी ने पति-पत्नी और एजेंट पर लगाया गंभीर आरोप.

मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई, चांदीवली साकीनाका क्षेत्र में एक फ्लैट खरीद-फरोख्त के नाम पर 1 करोड़ 20 लाख रुपये हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित ने साधना ओभान, उनके पति पुरब ओभान तथा एक रियल एस्टेट एजेंट बबीता ओझा उर्फ ग्यानदेवी पर गंभीर आरोप लगाते हुए साकीनाका पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।

पीड़ित मजीबुर रहमान खान (48), निवासी साकीनाका, ठंडा स्टोरेज निर्माण का व्यवसाय करते हैं। घर छोटा पड़ने के कारण वे चांदीवली स्थित नाहर अमृतशक्ति परिसर में फ्लैट ढूंढ रहे थे। मार्च 2025 में उनके मित्र जमिल अहमद ने उनकी मुलाकात रियल एस्टेट एजेंट ग्यानदेवी उर्फ बबीता से कराई। एजेंट ने खुद को रेरा लाइसेंसधारी बताते हुए फ्लैट दिखाने की जिम्मेदारी ली।

इसके बाद अप्रैल 2025 में एजेंट ने साधना पुरब ओभान के मालिकाना हक वाले फ्लैट नंबर 907, यारो बिल्डिंग, नाहर अमृतशक्ति, चांदीवली का वीडियो दिखाया, जो पीड़ित को पसंद आया।


16 अप्रैल 2025 फ्लैट डील की शुरुआत हुई
पीड़ित, उनका मित्र और एजेंट फ्लैट देखने पहुंचे। वहां साधना ओभान और पुरब ओभान मौजूद थे। उन्होंने फ्लैट अपने संयुक्त मालिकाना हक में होने की पुष्टि की और आर्थिक संकट में होने के कारण फ्लैट बेचने की बात कही।
दोनों पक्षों में 2 करोड़ 20 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर चर्चा हुई। पीड़ित ने बजट कम होने के कारण 1 करोड़ 95 लाख रुपये की ऑफर रखी, जिसे थोड़ी चर्चा के बाद पुरब ओभान ने मान लिया। इसी दिन दोनों पक्षों में तोंडी सौदा (वर्बल एग्रीमेंट) हो गया।

बयान के अनुसार, पीड़ित ने फ्लैट पर किसी बैंक का लोन या सोसायटी मेंटेनेंस बकाया होने की जानकारी मांगी। इस पर साधना और पुरब ओभान ने साफ कहा कि
फ्लैट पर कोई बैंक लोन नहीं है,मेंटेनेंस बकाया नहीं है।
यही भरोसा दिलाकर दोनों ने पेशगी राशि की मांग की। उन्होंने तत्काल 1 करोड़ 20 लाख रुपये की “जरूरत” बताई और पैसे मिलते ही रजिस्ट्रेशन व कब्जा देने का आश्वासन दिया।

उसी शाम 16 अप्रैल 2025 को पीड़ित ने ओभान दंपति को 1 लाख रुपये नकद टोकन के रूप में दिए।
एजेंट बबीता ने अपने जानकार नोटरी वकील सुभाष यादव के माध्यम से दस्तावेज तैयार कराने की बात कही।
कुछ ही दिनों में एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) का ड्राफ्ट वकील के द्वारा बनवाया गया, जिसमें सौदा ₹1,95,00,000/-अंतिम तिथि 15 जुलाई 2025
फ्लैट पर कोई कर्ज या भार नहीं लिखा गया
दोनों पक्षों ने हस्ताक्षर किए एमओयू को नोटरी के माध्यम से साक्षांकित कराया गया।


19 अप्रैल 2025 को पुरब ओभान ने फोन कर 2 लाख की और मांग की, जो नकद दे दिए गए।
23 अप्रैल 2025 को एजेंट ने “यारो 907 डील ” नाम से व्हॉट्सऐप ग्रुप बनाकर सभी को जोड़ा, जिसमें पैसे भेजने की जानकारी साझा होने लगी।
17 अप्रैल 2025 को पुरब ओभान ने बैंक ऑफ इंडिया खाता भेजकर ₹1 करोड़ 17 लाख RTGS के माध्यम से भेजने को कहा।
पीड़ित ने अपनी कंपनी न्यू कूल सर्विसेज के एच डी एफ सी के खाते से ओभान दंपति के खाते में ऑनलाइन रकम भेजनी शुरू की।
कुल मिलाकर ₹1,20,00,000/- (1 करोड़ 20 लाख) तक की राशि दंपति को दी गई।


पीड़ित का आरोप है कि पैसे लेने के बाद
रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया
फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया
समय पर जवाब नहीं दिया गया
शक होने पर जब दस्तावेज और सोसायटी से जानकारी निकाली गई तो कथित रूप से कई विसंगतियां सामने आईं
18 अक्टूबर 2025 को पीड़ित ने बयान देते हुए लिखित शिकायत में विस्तृत विवरण दिया।

शिकायत में नकद और ऑनलाइन भुगतान का विवरण,बैंक खाते,एजेंट का रोल,एमओयू की कापी,व्हॉट्सऐप चैट,
आदि साक्ष्य शामिल हैं।


साकीनाका पुलिस ने NCRB के I.I.F.-I (एकीकृत अन्वेषण फॉर्म) के तहत शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।पीड़ित ने पुलिस से ठगी राशि वापस दिलाने,
आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई करने,
और दस्तावेजी जांच की मांग की है। एक साधारण घर खरीद सौदा कैसे 1.20 करोड़ की ठगी में बदल गया, यह मामला इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। पुलिस अब दस्तावेजों, बैंक ट्रांसफर और एजेंट की भूमिका की जांच में जुटी है।

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