मुंबई वार्ता संवाददाता

बदलापूर में स्कूल वाहन चालक द्वारा बस में एक नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ की घटना सामने आने के बाद राज्य में स्कूल बस परिवहन व्यवस्था की गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अब राज्यभर में स्कूल बस चालकों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच की जाएगी। साथ ही वाहन चलाने का अनुभव और चालक के व्यवहार की भी जांच की जाएगी।


अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात) ने शुक्रवार को राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी कर स्कूल वाहनों के लिए सख्त नियम लागू करने को कहा है। इसके तहत स्कूल वाहनों की नंबर प्लेट केवल पीले रंग की होना अनिवार्य रहेगा और अन्य सुरक्षा नियमों के पालन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।


दरअसल, फरवरी 2026 में बदलापूर में एक मठ से जुड़े स्कूल वाहन चालक ने नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ की थी। इस घटना के बाद राज्यभर में रोष फैल गया और स्कूल परिवहन व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठने लगे।इस मुद्दे को लेकर अम्मा केयर फाउंडेशन (एसीएफ) की सामाजिक कार्यकर्ता निशा सुब्रमण्यन कुंजु ने भी छात्रों की सुरक्षा पर चिंता जताई है।
उन्होंने स्कूल वाहनों के लिए तत्काल कड़े सुरक्षा नियम लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग तथा कानून लागू करने वाली एजेंसियों की संयुक्त जिम्मेदारी है।
बदलापूर की घटना के मद्देनज़र प्रशासन से इस विषय पर गंभीरता से ध्यान देते हुए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। सरकार द्वारा जारी निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से ही राज्य में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और जिम्मेदार स्कूल परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।
विद्यार्थियों की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


